ट्यूबवेल खनन को लेकर मचा बवाल, रोकने के निर्देश

ट्यूबवेल खनन को लेकर मचा बवाल, रोकने के निर्देश

Lalit Saxena | Publish: Feb, 15 2018 08:05:04 AM (IST) Agar, Madhya Pradesh, India

बुधवार को काशीबर्डिया में सार्वजनिक ट्यूबवेल खनन करवाने के दौरान बवाल हो गया

आगर-मालवा. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्यमंत्री पेयजल योजनांतर्गत बुधवार को काशीबर्डिया में सार्वजनिक ट्यूबवेल खनन करवाने के दौरान बवाल हो गया। पहले ग्रामीणों की सहमति से मशीन ने खनन शुरू कर दिया, लेकिन इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को सूचना दी। इस पर संबंधितों ने अधिकारी को खनन रोकने के निर्देश दिए। खनन रुकते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और महिलाएं तथा बच्चे मशीन के आगे बैठ गए। आखिरकार ग्रामीणों के आक्रोश के सामने किसी की एक न चली और जो स्थल निर्धारित किया गया था वहीं पर खनन करना पड़ा। १५० फीट के बाद से ही बोर में पानी आ गया।
पीएचई उपयंत्री विजय चावड़ा मशीन लेकर सुबह १० बजे गांव पहुंचे। पूर्व में तकनीकी अमले द्वारा की गई जांच व निर्धारित स्थल पर खनन सरपंच राकेश मालवीय की मौजूदगी में शुरू करवाया। इसी बीच किसी ग्रामीण की सूचना पर कुछ जनप्रतिनिधियों ने उपयंत्री को फोन लगाकर कहा वहां से मशीन हटाई जाए और गांव के बीचोंबीच खनन किया जाए। जैसे ही यह जानकारी ग्रामीणों को मिली वे आक्रोशित हो गए। जनप्रतिनिधि के फोन पर अधिकारी ने खनन रुकवा दिया औश्र मशीन ले जाने का प्रयास किया तो बवाल मच गया। महिलाएं व बच्चे मशीन के आगे बैठ गए और कहने लगे मशीन ले ही जाना है तो हमारे ऊपर चढ़ाकर ले जाओ। ग्रामीणों के आक्रोश के आगे अधिकारी भी बेबस हो गए। सूचना मिलने पर डॉयल १०० भी पहुंची, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ग्रामीण मांग पर अड़े हुए थे। जब निर्धारित स्थल पर ही पुन: खनन कार्य शुरू हुआ तो ग्रामीण माने। इधर जैसे ही पानी निकला ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बच्चों ने भी रखी मांग
जैसे ही बच्चों को पता चला मशीन जाने वाली है तो वे तख्तियां लेकर सरपंच तथा उपयंत्री के सामने खड़े हो गए और बालमनुहार करते हुए कहने लगे हमारी मांगें पूरी करो, यहीं पर ट्यूबवेल लगाओ।
महिलाओं ने सुनाई खरी-खोटी
महिलाओं ने पहले तो ग्रामीण भाषा में जमकर खरी-खोटी सुनाई जिन्होंने कार्य में विघ्न पैदा किया। साथ ही महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों को भी जमकर कोसा। महिलाओं ने कहा हम लोग पानी की परेशानी झेल-झेलकर थक चुके हैं अब हमारी समस्या का समाधान होने वाला है तो प्रभावशाली लोगों को रास नहीं आ रहा।
जैसे ही बच्चों को पता चला मशीन जाने वाली है तो वे तख्तियां लेकर सरपंच तथा उपयंत्री के सामने खड़े हो गए और बालमनुहार करते हुए कहने लगे हमारी मांगें पूरी करो, यहीं पर ट्यूबवेल लगाओ।

२५ में से सिर्फ २ हैंडपम्प में है पानी
काशीबर्डिया में गिरते जलस्तर के कारण पानी की समस्या से लगभग हर ग्रामीण परेशान है। गांव के अंदर लगाए गए कई ट्यूबवेल में पानी नहीं है। ग्रामीण नागूसिंह, लालसिंह, राजेश आदि ने बताया २५ हैंडपंप पहले ही हैं, लेकिन सिर्फ २ में पानी है। ऐसी दशा में इस बार स्थान परिवर्तन किया गया था।
&गांव में पानी की समस्या है लेकिन इसे भी राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में निर्धारित स्थल पर हो रहे खनन को रुकवाया गया। इस बात पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। आक्रोश को देखते हुए वापस निर्धारित स्थल पर ही खनन करवाया है। १५० फीट के बाद ही पर्याप्त पानी आ गया। रात ७ बजे तक खनन जारी था।
राकेश मालवीय, सरपंच
&काशीबर्डिया तथा पांचारूंडी की सम्मिलित पेयजल योजना के अंतर्गत खनन हो रहा था। २०० एमएम ट्यूबवेल लगाया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों को गलतफहमी हुई है। इसे हैंडपंप का बोर समझा, वही विवाद का कारण रहा जबकि इस बोर के संबंध में पहले ही सर्वे किया जा चुका था। स्थान भी निर्धारित किया जा चुका था। ट्यूबवेल से टंकी के माध्यम से जलप्रदाय किया जाएगा।
विजय चावड़ा, उपयंत्री, पीएचई

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