कानफोड़ू पटाखों पर प्रतिबंध, इन स्थानों पर भी नहीं चला सकेंगे पटाखे

Dhirendra yadav

Publish: Oct, 13 2017 11:05:39 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
कानफोड़ू पटाखों पर प्रतिबंध, इन स्थानों पर भी नहीं चला सकेंगे पटाखे

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दीपावली के अवसर पर पटाखों के उपयोग से होने वाले वायु व ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण हेतु निर्देशित किया गया है।

आगरा। दिवाली को दीपों का त्योहार कहा जाता रहा है, लेकिन बीते कुछ दशकों में इसकी पहचान दियों से हटकर रंग-बिरंगी लाइटों और कानफोड़ू आतिशबाजी को लेकर होने लगी है, लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर सराहनीय काम किया है। वायु प्रदूषण के लिहाज से सुप्रीम कोर्ट का इस बारे में दिया गया फैसला वास्‍तव में तारीफ के काबिल है। आगरा में भी इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है।

अपर जिलाधिकारी ने ये दिए आदेश
अपर जिलाधिकारी नगर/प्रभारी अधिकारी आयुध केपी सिंह ने आतिशबाजी के दुकानों के अस्थायी व स्थायी लाइसेंस धारकों के सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में दीपावली के अवसर पर पटाखों के उपयोग से होने वाले वायु व ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण हेतु निर्देशित किया है, कि ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के अनुसार घोषित साइलेंस जोन जैसे अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक व जिला हेल्थ केयर सेन्टर, शैक्षणिक संस्थान, माननीय न्यायालय, धार्मिक स्थल व अन्य घोषित क्षेत्र के 100 मीटर के अन्दर पटाखे न फोड़े जाएं। बच्चों के लिए ‘‘पटाखे नहीं चाहिए‘‘ का नारा बुलन्द करने के लिए उत्साहित किया जाय।

बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों से करें शिक्षित
जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं निजी विद्यालयों के संगठनों के माध्यम से बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में संवेदनशील बनाया जाए एवं शिक्षित किया जाए। इस सम्बन्ध में इन्डियन मेडिकल एशोसिएशन, बड़े निजी अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा परामर्शिका जारी किया जाए। अपर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पैकेजों एवं विस्फोटकों पर चिन्हांकन के सम्बन्ध में तथा त्यौहारों के दौरान आतिशबाजी के कब्जे एवं विक्रय के लिए अस्थायी दुकानों के सम्बन्ध में विस्फोटक नियम 2008 के नियमों में उल्लेखित प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि निर्धारित मानक के अनुरूप निर्मित पटाखों का ही विक्रय सुनिश्चित किया जाय।

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