यहां सजेगा साहित्य और संस्कृति का दरबार, श्रीकृष्ण के मनोहारी चित्रों की प्रदर्शनी का भी होगा आयोजन

Dhirendra yadav | Publish: Oct, 09 2019 04:33:59 PM (IST) | Updated: Oct, 09 2019 04:34:00 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

काशी विवि के सहयोग से बृज की संस्कृति व सूर के पदों पर आधारित श्रीकृष्ण के मनोहारी चित्रों की प्रदर्शनी का भी होगा आयोजन
11 अक्टूबर को चित्रकला प्रतियोगिता में 2000 से अधिक बच्चे लेंगे भाग, देश के शीर्ष पुस्तक प्रकाशक होगें एकत्र

आगरा। 11 अक्टूबर से तक ताज नगरी में साहित्य और संस्कृति का दरबार सजने जा रहा है। 11 से 20 अक्टूबर तक दस दिवसीय आयोजन में देश के जाने माने लगभग 100 से अधिक प्रसिद्ध साहित्यकार भाग लेंगे। आगरा कॉलेज मैदान पर आगरा लिटरेचर क्लब द्वारा आगरा साहित्य उत्सव-2019 एवं राष्ट्रीय पुस्तक मेले में जहां कला, संस्कृति और साहित्य के सतरंगी नजर आएंगे वहीं विभिन्न प्रांतों की संस्कृति देश में अनेकता में एकता का भी संदेश देती नजर आएगी। 10 दिन के साहित्य और संस्कृति के महाकुम्भ में प्रतिदिन 4 सत्रों में 80 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें - आगरा के डॉक्टर्स की एक और छलांग, भारत-इजिप्ट के बीच चिकित्सा तकनीकों के आदान-प्रदान का समझौता

यहां होगा कार्यक्रम
आयोजन स्थल आगरा कॉलेज मैदान, राजामंडी चौराहा पर आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में आगरा साहित्य उत्सव न्यास के प्रबंधन्यासी के डॉ. अमी आधार निडर व आगरा लिटरेचर क्लब की अध्यक्ष डा. नीतू चौधरी, महामन्त्री दीपक सरीन ने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक मेले में देश के शीर्ष पुस्तक प्रकाशक शामिल होंगे। 11 अक्टूबर को पुस्तक मेला व प्रदर्शनी का सुबह 10.30 बजे उद्घाटन संस्कार भारती के राष्ट्रीय संरक्षक पद्मश्री योगेन्द्र, लघु उद्योग राज्य मंत्री चौ. उदयभान सिंह, आरएसएस ब्रज प्रांत प्रचारक हरीश रौतेला, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द शर्मा, केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय के निदेशक प्रो. अवनीश कुमार आदि करेंगे।

ये भी पढ़ें - मुस्लिमों ने कहा पीएम नरेन्द्र मोदी ने हिन्दुस्तान को दिलाया पूरा सम्मान, अबूलाला की दरगाह पर चादरपोशी

चित्रकला प्रदर्शनी का भी आयोजन
काशी हिन्दू विवि के सहयोग से डॉ. उत्तमा दीक्षित के निर्देशन व संयोजन में चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बृज की संस्कृति व सूर के पदों पर आधारित श्री कृष्ण के मनोहारी चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। 11 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से पर्यावरण व सामाजिक विषयों पर आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में 2000 से अधिक बच्चे भाग लेंगे। साहित्य प्रेमी सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक साहित्य के विभिन्न पहलुओं से रू-ब-रू होंगे वहीं दोपहर 2-4 बजे आयोजित कार्यक्रम में संगोष्ठी, काव्य गोष्ठी जैसे कार्यक्रम में स्थानीय लोगों को मंच मिलेगा। शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित सांस्कृतिक संध्या में देश के प्रख्यात कलाकारों की रगारंग प्रस्तुति में विभिन्न प्रांतों की कला और संस्कृति के विभिन्न रंग नजर आएंगे।

ये भी पढ़ें - अबूलाला की दरगाह पर चादरपोशी की तस्वीरें

ये रहे मौजूद
आगरा प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसियेशन (अप्सा) के अध्यक्ष श्री सुशील गुप्ता और महामन्त्री डा. गिरधर शर्मा ने बताया कि अप्सा के सभी विद्यालयों के छात्रों को पुस्तकों के इस अनूठे मेले से जोड़ने का पूरा प्रयास होगा। इस अवसर पर सर्वज्ञशेखर गुप्ता, अरविन्द इंदौलिया, नितेश जैन, आगरा साहित्य उत्सव न्यास की ओर से श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव एडवोकेट, डा. अरूणा गुप्ता, डा. महेश भार्गव, आगरा लिटरेचर क्लब कार्यसमिति सदस्य डा. पीयूष जैन, कांची सिंघल, पूनम जाकिर, डा. रचना सिंह रश्मि, डा. शैलेन्द्र नरवार, डा. दीपा गोस्वामी, डा. मधु भारद्वाज आदि उपस्थित थे।

ये है पूरा कार्यक्रम
11 अक्टूबर - उद्घाटन समारोह सुबह 11 बजे
काव्य की दो विधाएः गजल-हाईकू। दोपहर 2 बजे से।
शाम 7 बजे से डांडियोत्सव
12 अक्टूबर - मुंशी प्रेमचंद का साहित्य और वर्तमान समाज (केन्द्रीय हिन्दी संस्थान दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका हैदराबाद से डॉ. ज्योति नारायण, मेरठ से डॉ. यासमीन मूमन) शाम को सुगम संगीत संध्याः गीत गजल कब्बाली।
13 अक्टूबर - विश्व साहित्य में राम कथा (प्रो. श्रीराम परिहार, डॉ. विद्याबिन्दु सिंह, डॉ. सरोज गुप्ता, डॉ. भारती सिंह, डॉ. करुणा पाण्डे), शाम को फिल्म कौन हो तुम (सम्पूर्ण फिल्मी कलाकार)
14 अक्टूबर- कश्मीर धारा 370 से पहले और अब (जम्मू-कश्मीर अध्ययन केन्द्र के निदेशक डॉ. आशुतोष भटनागर, आईसीएमआर के सचिव प्रो. कुमार रत्नम) शाम को लोक संगीत संध्या
15 अक्टूबर-भारतीय इतिहास के विविध पक्षों में गौरव का उन्नयन (अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के डॉ. बालमुकुन्द पाण्डे, कुलपति, डॉ. अम्बेकर विवि आगरा के डॉ. अरविन्द दीक्षित, पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान के निदेशक प्रो. सुगम आनन्द), शाम को भजन संध्या।
16 अक्टूबर-बाल साहित्य की सामाजिक परिवर्तन और विकास में भूमिका व भारत के वर्तमान परिवेश में हिन्दी की दशा और दिशा (नई दिल्ली से डॉ. ओम निश्चल, लखनऊ से डॉ. सुरेन्द्र विक्रम, डॉ. शशि गोयल, डॉ. विनोद कुमार माहेश्वरी, पाडुचेरी से डॉ. स्वर्ण ज्योति, सांसद राज्यसभा हरनाथ सिंह यादव, नारायणी साहित्य अकादमी की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा सिंह विसेन,), शाम को राष्ट्रीय एकता व अखंडता को समर्पित मुशायरा।
17 अक्टूबर- बीसवीं सदी के प्रमुख वैचारिक अधिष्ठान (केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा के निदेशक प्रो. नन्दकिशोर पाण्डे, दिल्ली विवि से प्रो. शिवशंकर अवस्थी), शास्त्रीय संगीत संध्या
18 अक्टूबर- संचार क्रांति की चुनौती और पुस्तक संस्कृति (पूर्व सांसद व पत्रकार संतोष भारतीय, महाराष्ट्र से डॉ. प्रियंका सोनी, गोवा से डॉ. किरन पोपकर, भारत ज्ञान कोष के अध्यक्ष आदित्य चौधरी), शाम को थर्ड आई बैण्ड गुणगांव।
19 अक्टूबर- ब्रज साहित्य संस्कृति और लोक सम्पदा (पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया, प्रो. सोम ठाकुर, हिन्दुस्तानी अकादमी के अध्यक्ष डॉ. उदयप्रताप सिंह, राज बहादुर सिंह राज), शाम को आगरा आकाशवाणी के सहयोग से राष्ट्रीय कवि सम्मेलन।
20 अक्टूबर- सांस्कृतिक संध्या एवं ताल कचहरी व समापन समारोह।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned