लॉकडाउन में मंडी बंद, नहीं मिल रहे सब्जियों के खरीदार, खेतों में सड़ रहीं सब्जियां

- आगरा में 2.69 लाख किसान
- 35 हजार हेक्टेयर जमीन पर होती है सब्जियों की खेती

By: Mahendra Pratap

Published: 21 May 2020, 04:31 PM IST

आगरा. लॉकडाउन के दौरान मंडी बंद रहने व सब्जियों की सप्लाई न हो पाने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। हताश किसानों ने सब्जियों को खेतों से तोड़ना ही बंद कर दिया है। इसके कारण सब्जियां खेतों में ही सड़ने लगी हैं। बता दें कि आगरा में 2.69 लाख किसान हैं और 35 हजार हेक्टेयर जमीन पर सब्जियों की खेती हो रही है।

गौरतलब है कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लॉकडाउन घोषित हो चुका है। इसके कारण होटल, रेस्त्रां के साथ शादी, सगाई जैसे समारोह भी बंद हैं। इस कारण सब्जियों की खपत नहीं हो पा रही है। वहीं पिछले दिनों तमाम सब्जी वालों के कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद जिले में सब्जी मंडी को भी बंद कर दिया गया। आसपास के जिलों में भी आपूर्ति बंद है। इस कारण किसान बुरी तरह हताश हैं। वे सब्जियों को खेतों से भी नहीं तोड़ रहे हैं। इस कारण तोरई, टिंडा, कद्दू, खीरा, मिर्च और लौकी आदि सब्जियां खेतों में ही सड़ रही हैं।

जिला प्रशासन की व्यवस्था ने तोड़ी कमर :- किसानों का कहना है कि प्रशासन ने सब्जी मंडी की ऐसी व्यवस्था की कि किसानों की कमर ही टूट गई। अब हालत ऐसी है कि लागत भी नहीं निकल पा रही है। वहीं सरकार ने भी राहत देने के लिए कोई घोषणा नहीं की। ऐसे में जिला प्रशासन को सब्जी खरीद की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि कम से कम किसानों लागत तो निकल सके।

20 रुपए किलो में भी नहीं बिक रहे फालसे :- फालसे की खेती करने वाले किसान सतीश का कहना है कि फालसे की फसल सीमित समय के लिए होती है। इसकी खेती आगरा के करीब दस गांवों में 1500 बीघा से अधिक जमीन पर होती है। सामान्य दिनों में यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में भी इसकी बिक्री होती है। ये 80 रुपए किलो तक बिकता है लेकिन इस बार 20 रुपए किलो में भी इसके खरीददार भी नहीं मिल रहे। इसके कारण ये खेतों में सड़ रहे हैं। इससे किसानों का लाखों का नुकसान हुआ है।

ये कहना है जिला कृषि अधिकारी का :- इस मामले में जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा का कहना है कि किसानों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए लॉकडाउन जरूरी है, लेकिन ये भी सच है कि इसके कारण किसानों का काफी नुकसान हुआ है।

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