परिजनों ने डांटा तो घर से भाग गया किशोर, फिर मिला ऐसी जगह कि पुलिस भी दंग रह गई

परिजनों ने डांटा तो घर से भाग गया किशोर, फिर  मिला ऐसी जगह कि पुलिस भी दंग रह गई
Tajganj police

Dhirendra yadav | Publish: Sep, 04 2019 12:16:52 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

-घर से लापता किशोर सात दिन बाद बरामद
-मॉ ने कराई थी गुमशुदगी दर्ज
-थाना ताजगंज पुलिस को तलाश के दौरान वाटिका में मिला किशोर
-परिजनों से नाराज हो घर छोड़कर चला गया था आयुष


आगरा। ताजनगरी के युवा अवसाद (Dipression) में जी रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर (On trivial matters) घर छोड़ने तक की घटनाएं सामने आ रही हैं। थाना ताजगंज पुलिस (Thana Tajganj police) ने घर से लापता चल रहे किशोर आयुश शर्मा को ऋषिकेश धाम गोपाल वाटिका कहरई मोड ताजगंज से बरामद किया है। लापता चल रहे 14 वर्षीय किशोर आयुश शर्मा की मॉ कल्पना शर्मा ने 28 अगस्त को थाना ताजगंज में गुमशुदगी ( Missing) दर्ज करायी थी। पुलिस को पूछताछ में आयुष (Ayush) ने बताया कि वह घरवालों की डांट से नाराज होकर भाग गया था ।तब से वह गोपाल वाटिका में रह रहा था।

किशोर की तलाश में दर-दर भटकते रहे परिजन
घर से नाराज होकर गया आयुश आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र के कहरई मोड़ रश्मि विहार का रहने वाला है। 28 अगस्त (August) को अचानक वह घर से लापता (Missing) हो गया । परिजनों ने उसके दोस्तों से सम्पर्क किया कोई सफलता नहीं मिली। आस-पास की कालोनी, रिश्तेदार सभी के यहां तलाश करने के बाद आयुश के परिजन थाना ताजगंज पहुंचे। जहां आयुश की मॉ ने गुमशुदगी दर्ज करायी। थाना ताजगंज पुलिस ने बरामदगी के बाद घर से नाराज होकर गये किशोर को परिजनों के सुपुर्द कर दिया

अवसाद (Depression) में युवा अपनों से बना रहे दूरी
छोटी-छोटी बात (On trivial matters) पर आज का युवा तनाव (Depression ले रहा है। कम समय में बड़ा लक्ष्य पाने की जिद या खुद को दूसरे से बेहतर साबित करने के चक्कर में लोग अवसाद का शिकार हैं। अब परिजनों की फटकार भी बच्चे नहीं सहन करते हैं। कुछ तो कैरियर की प्लानिंग (Carrier planning) करने में ही अवसादग्रस्त हैं और अपने परिजनों से ही दूरी (distance) बना रहे हैं।

ये करने से दूर होगा तनाव ( Depression)
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ अनिल ने बताया किे तनावमें रहने वाले बच्चों पर परिजनों को विशेष ध्यान देने की जरुरत है। ऐसे बच्चे या लोगों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। कामकाजी जीवनशैली (Working life style) होने के बाद भी परिवार और बच्चों को समय देने वालों का परिवार खुशहाल( Happy family) रहता है। युवाओं का तनाव उनके परिजन लगातार संवाद ( communication) करके भी खत्म कर सकते हैं। कई बार मॉ बाप भी बच्चों पर अपने सपने थोपने की कोशिश करते हैं जो बाद में अवसाद का कारण बनते हैं।

बडा सवाल

घर से नाराज आयुष ऋषिकेश धाम गोपाल वाटिका कहरई मोड़ ताजगंज में करीब सात दिनों तक रहा । बड़ा सवाल यह कि आखिर वाटिका के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस या परिजनों को क्यों नहीं दी। थाना ताजगंज पुलिस इस मामले में पूछताछ कर सकती है।

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