परिवार नियोजनः उत्तर प्रदेश में आगरा नंबर वन

-आगरा ने टॉप 10 की सूची में जगह बनाते हुए आईयूसीडी में पहला स्थान पाया

-पीपीआईयूसीडी में प्रदेश में पांचवें स्थान पर आगरा, परिवार नियोजन में पाया मुकाम

आगरा । परिवारों को नियोजित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत परिवार को नियोजित करने के लिए कई सुविधाएं दी जा रही हैं। इन सुविधाओं में कुछ ऐसी भी सुविधाएं है, जिनको अपनाने के बाद लाभार्थी को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत आगरा जनपद ने टॉप 10 की लिस्ट में जगह बनाई है। यूपी के 75 जिलों में आगरा आईयूसीडी में नंबर वन रहा है। आईयूसीडी के इस्तेमाल से लंबे समय तक अनचाहे गर्भ धारण से बचा जा सकता है। वहीं पीपीआईयूसीडी में सूबे में आगरा ने पांचवां मुकाम पाया है।

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क्या कहते हैं सीएमओ

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 2016 में "मिशन परिवार विकास" की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश के उच्च प्रजनन वाले 57 जिलों में स्वास्थ्य प्रणाली के सभी स्तरों पर गर्भनिरोधक तरीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष ध्यान दिया है। इस कार्यक्रम का समग्र लक्ष्य भारत की कुल प्रजनन दर को वर्ष 2025 तक 2.1 तक कम करना है, साथ ही इस मिशन का मुख्य रणनीति फोकस सुनिश्चित सेवाओं की उपलब्धता, नई प्रोत्साहन योजना, सेवा प्रदाताओं के क्षमता निर्माण, कारगर माहौल निर्माण, निगरानी के माध्यम से गर्भनिरोधक तक पहुंच में सुधार करना है।

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सरकारी अस्पतालों में निशुल्क

परिवार नियोजन कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ.रचना गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बढ़ते हुए गर्भ निरोधकों की जरूरतों को देखते हुए दो नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं। आगरा आईयूसीडी 24946 और पीपीआईयूसीडी 7919 पर रहा है। नए गर्भ निरोधकों, जिसमें 'अंतरा' कार्यक्रम के तहत इंजेक्शन गर्भनिरोधक एमपीए और गर्भनिरोधक गोली 'छाया' की शुरुआत की है। यह गर्भनिरोधक वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है।

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-आईयूसीडी जैसे अंतर पद्धति पर बल देना,प्रसव उपरांत परिवार नियोजन सुविधाएं बढ़ाना, जिसके तहत संस्थागत प्रसव में पीपीआईयूसीडी (पोस्ट पार्टम इंट्रा यूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस) जोड़ देना, संस्थागत प्रसव सुविधा केंद्रों पर सलाहकारों की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण गतिविधि है। परिवार नियोजन पर मांग बढ़ाने और जागरूकता उत्पन्न करने के लिए आशा और केंद्रित आईईसी/बीसीसी प्रयासों को शामिल करके गर्भ निरोधको समुदाय आधारित वितरण को सुदृढ़ बनाना गया है।

आईयूसीडी क्या है

-आईयूसीडी यानी इंट्रा यूटरिन कॉपर डिवाइस प्लास्टिक और कॉपर से बनी एक छोटी सी डिवाइस होती है। इसे गर्भाशय में इंसर्ट किया जाता है। इससे गर्भधारण यानी प्रेगनेंट होने की प्रक्रिया रुकती है ।

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Bhanu Pratap
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