अखिलेश का ये कदम बढ़ाएगा बसपा-भाजपा की मुश्किलें!

अखिलेश का ये कदम बढ़ाएगा बसपा-भाजपा की मुश्किलें!
akhilesh yadav

Abhishek Saxena | Updated: 20 Jan 2017, 03:21:00 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

अखिलेश यादव ने विधानसभा सीटों पर गजब की सोशल इंजीनियरिंग सेट की है। 

आगरा। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पहले चरण के चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया। अखिलेश यादव ने नौ विधानसभा सीटों पर गजब की सोशल इंजीनियरिंग सेट की है। चुनाव के लिए शतरंज पर जो गोटियां अखिलेश यादव ने बिछाई है, उससे भाजपा और बसपा के लिए मुश्किलें बढ़ती हुई प्रतीत होती हैं। राजनीतिक जानकारों का भी ऐसा मानना है कि अखिलेश ने नौ विधानसभा सीटों पर अपनी सबसे बेहतरीन बिसात ​सेट की है।   

उत्तर सीट से गर्ग को टिकट
बात आगरा विधानसभा में भाजपा की सबसे दमदार सीट की जाए, तो जगन प्रसाद गर्ग यहां से चार बार के विधायक रह चुके हैं। आगरा उत्तर विधानसभा सीट पर जगन प्रसाद के गर्ग के मुकाबले सपा ने अतुल गर्ग को चुनावी मैदान में खड़ा किया है। बसपा से यहां पंडित ज्ञानेंद्र गौतम प्रत्याशी हैं, ऐसे में यहां भाजपा के साथ बसपा की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। 

दक्षिण से नजीर
सबसे हाट सीट पर सपा ने नजीर अहमद को टिकट थमाया है। पिछले चुनाव में नजीर अहमद कांग्रेस से चुनाव लड़े थे और तीसरे स्थान पर रहे थे। इस बार चुनाव में नजीर अहमद सपा से हैं, तो मुस्लिम वर्ग का सपोर्ट नजीर और सपा को मिल सकता है। यहां से वर्तमान विधायक योगेंद्र उपाध्याय के लिए सफर मुश्किलों भरा हो गया है। तो जुल्फिकार अहमद भुट्टो को कड़ा मुकाबला करना होगा। यहां मुस्लिम वर्ग के वोटरों का बोलबाला है। 

छावनी से टपलू की पत्नी
सपा ने पिछले चुनावों में चंद्रसेन टपलू को टिकट थमाया था। चंद्रसेन टपलू की आसामयिक मृत्यु हो जाने से ये सीट खाली थी। उनकी पत्नी को सपा ने टिकट दिया है। ममता टपलू को टिकट मिलने के बाद यहां सहानुभूति का लाभ सपा को मिल सकता है। ये सीट सुरक्षित सीट है। यहां से भाजपा के डॉ.जीएस धर्मेश और बसपा के सिटिंग विधायक गुटियारी लाल दुबेश मैदान में हैं।

ग्रामीण से धनगर
आगरा ग्रामीण सीट पर पिछली बार सपा को करारी शिकस्त मिली थी। इस बार सपा ने धनगर वोट के साथ एससी वोट में सेंध लगाने के लिए राजेश धनगर को यहां से टिकट दिया है। इस सीट पर बसपा का कब्जा है, वहीं सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई हेमलता दिवाकर यहां से सपा की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। 

खेरागढ़ से ठाकुर वोटरों पर नजर
भाजपा ने जहां खेरागढ़ विधानसभा सीट से महेश गोयल को टिकट थमाई है, तो वहीं सपा ने यहां के क्षत्रियों की संख्या का लाभ लिया है। अमरसिंह परमार को यहां से सपा ने टिकट थमाया है। अमर सिंह परमार पहले भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं खेरागढ़ से भगवान सिंह कुशवाह बसपा से मैदान हैं। 

फतेहपुरसीकरी से लाल सिंह
फतेहपुरसीकरी सीट जाट बाहुल्य सीट मानी जाती है। इस सीट पर भाजपा ने चौधरी उदयभान सिंह को प्रत्याशी बनाया है। ठाकुर सूरजपाल सिंह यहां से वर्तमान विधायक हैं और सपा ने लाल सिंह लोधी को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में जाट और ठाकुर वोट कटने से इस सीट पर लाल सिंह लोधी को इसका लाभ मिल सकता है। 

बाह से निषाद पर दांव
विधायक राजा अरिदमन सिंह सपा छोड़कर भाजपा में चले गए। ऐसे में सपा को यहां से एक दमदार प्रत्याशी की तलाश थी। इस सीट पर ब्राह्मण, क्षत्रिय और निषाद वोटरों की अच्छी संख्या है। भाजपा नेता रामसेवक निषाद की पत्नी अंशु निषाद को सपा ने प्रत्याशी बनाकर निषाद वोटरों पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की है।

फतेहाबाद से राजेंद्र सिंह
फतेहाबाद से डॉ.राजेंद्र सिंह पिछली बार चुनाव मामूली अंतर से हार गए थे। इस बार सपा ने फिर से उन पर दांव खेलकर इस सीट को जीतने का फार्मूला बनाया है। यदि सपा का कांग्रेस से गठबंधन होता है, तो यहां से बसपा की सीट हाथ से छीनी जा सकती है। 

एत्मादपुर पर बघेल
एत्मादपुर सीट पर बघेल, कुशवाह और शाक्य वोटरों के साथ क्षत्रिय वोट के लिए ये सीट जानी जाती है। इस सीट पर वर्तमान विधायक ठा.धर्मपाल सिंह बसपा से कब्जा किए हैं। यहां से भाजपा ने क्षत्रिय प्रत्याशी खड़ा किया है। ऐसे में क्षत्रिय वोट बंटने पर सपा को इस सीट पर लाभ मिल सकता है। 
Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned