आंनदपाल सिंह के एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग!

आंनदपाल सिंह के एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग!

आनंदपाल सिंह नागौर के लाडनूं तहसील के गांव सांवराद का रहने वाला था, पढ़िए कैसे हुई अपराध की दुनिया में एंट्री

आगरा। हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर आंनदपाल सिंह राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका था। वह पांच लाख रुपए का ईनामी भी था। कई राज्यों में Anand Pal Singh को राजस्थान पुलिस तलाश रही थी। अंतत: उसे राजस्थान पुलिस ने मार गिराया।

Anand Pal एनकाउंटर की राजस्थान की करणी सेना निंदा कर रही है। उसके साथ हुए एनकाउंटर को फर्जी बता रही है। करणी सेना जोधपुर संभाग फेसबुक आंनद पाल के लिए मुहिम चला रही है जिसका असर ब्रज के राजपूतों पर भी पड़ने की संभावना है। दरअसल यह बात इसे इसलिए ज्यादा बल देती है कि वह ब्रज क्षेत्र में रहा भी है। यहां के भी राजपूतों को Gangster Anand Pal सिंह के लिए आने के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है। आगरा के फतेहपुर सिकरी, मथुरा और अलीगढ़ में राजपूतों की अच्छी संख्या है। 

सीबीआई जांच की मांग 

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले। सभी ने आंनदपाल सिंह के एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की। गृह मंत्री ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। 

कौन था आनंदपाल सिंह - जानिए आनंद पाल की कास्ट क्या थी 

आनंदपाल सिंह नागौर के लाडनूं तहसील के गांव सांवराद का रहने वाला है। वह वर्ष 2006 से जरायम की दुनिया में सक्रिय था। उसपर कई मामले चल रहे थे। आनंदपाल जेल में बंद था, 2015 में पेशी के दौरान मिठाई में नशा मिलाकर पहरेदारों को खिलाकर भाग गया था। आनंदपाल पर लूट, डकैती, गैंगवार और हत्या जैसे कई मामले दर्ज थे। आनंदपाल एके 47, ऑटोमैटिक मशीन गन, बम और बुलेट प्रूफ जैकेट इस्तेमाल ज्यादातर करता था।

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ऐसे हुई अपराध की दुनिया में एंट्री 

कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह की अपराध की दुनिया में बड़े रोचक तरीके से एंट्री हुई। बलबीर के गैंग की वजह से वह जरायम की दुनिया में आया था। वर्ष 1997 की बात है कि तब बलबीर बानूड़ा और राजू ठेहट दोस्त हुआ करते थे। दोनों शराब के धंधे से जुड़े थे। वर्ष 2005 में एक घटना घटी जिससे दोनों की दोस्ती में दरार डाल दी। इसी मौके के बाद बलबीर की गैंग में आनंदपाल शामिल हुआ और राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया। कई राज्यों में उसके ठिकाने थे। डेढ़ वर्ष तक राजस्थान पुलिस को खूब परेशान किया। उसके एनकाउंटर के बाद पुलिस राहत की सांस ले रही है लेकिन करणी सेना उस मामले को हल्के में नहीं ले रही। पूरी कहानी को सोशलमीडिया पर भड़का रही है।
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