SC ST Act: लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर भाजपा को होगा बड़ा नुकसान!

SC ST Act: लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर भाजपा को होगा बड़ा नुकसान!

Abhishek Saxena | Publish: Sep, 04 2018 03:21:09 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 03:29:19 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

अगर काले कानून में नहीं हुआ संशोधन. ब्रज में भाजपा के हाथ लगी थी बहुत बड़ी कामयाबी, सवर्ण वोटर ने निभाई थी महती भूमिका

आगरा। लोकसभा चुनाव 2014 में जिस तरीके से भारतीय जनता पार्टी के हाथ बड़ी जीत लगी थी। जिस मोदी लहर में यूपी में सबसे अधिक सीटें भारतीय जनता पार्टी ने जीती थीं। उसी प्रदेश में उसे मुंह की खानी पड़ सकती है। लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी को SC ST Act में संशोधन ना करने पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। ऐसा राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है। वरिष्ठ राजनीतिक विशेषज्ञ पीयूष श्रीवास्तव का मानना है कि लोकसभा चुनाव में वैश्य समाज एकजुट होकर चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर सकता है। जिसका सीधा खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को पड़ेगा।

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इन सीटों पर मिली थी ब्रज में बड़ी कामयाबी
ब्रज की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी को बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी। फतेहपुरसीकरी लोकसभा सीट पर बसपा की सीमा उपाध्याय का कब्जा था। इस सीट पर ठाकुर और जाट वोट बहुतायात में हैंं, जो हार जीत का रास्ता तय करता है। लेकिन मोदी लहर में यहां चौधरी बाबूलाल के सिर जीत का सेहरा बंधा था। भाजपा ने एटा लोकसभा सीट पर भी बड़ी जीत हासिल की थी। वहीं आगरा सुरक्षित सीट पर सवर्ण वोटर के साथ भाजपा के डॉ.रामशंकर कठेरिया ने बड़ी जीत हासिल की। मथुरा में जाट और सवर्ण वोटरों का बोलबाला है। साल 2009 के चुनाव में यहां रालोद के जयंत चौधरी ने जीत हासिल की थी। वहीं जब हेमामालिनी को 2014 में भाजपा ने टिकट थमाया तो सवर्णों के साथ मिलकर यहां हेमा मालिनी बड़ी जीत से सांसद चुनी गईं। अलीगढ़ में भी जहां 2009 में बसपा के राजकुमार ने जीत हासिल की थी। वहीं मोदी लहर में यहां सतीश कुमार गौतम जीते थे। बरेली में 2009 से 2014 तक बसपा के प्रवीन सिंह सांसद रहे। लेकिन, 2014 में संतोष गंगवार ने ये सीट जीतकर यहां भाजपा का प्रतिनिधित्व किया। शाहजहांपुर में सपा 2009 में जीती थी तो 2014 में यहां से कृष्णा राज को सांसदी मिली। अब एससी एसटी एक्ट में सवर्णों की खुली चेतावनी है कि वे लोकसभा चुनाव 2019 में इसका जवाब देने के लिए तैयार है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव 2019 भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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2019 के लिए संकेत
अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.सुमंत गुप्ता का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने यदि एससी एसटी एक्ट को वापस नहीं लिया तो लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अच्छे संकेत नहीं है।

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