मरने के बाद भी धड़केगा आपका दिल

मरने के बाद भी धड़केगा आपका दिल
Health

Amit Sharma | Publish: May, 21 2016 08:53:00 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

मेडिकल साइंस दिनों दिन तरक्की कर रहा है। लेकिन अगर हम थोड़े से और जागरुक हो जाएं तो कई लोगों को दूसरी जिंदगी मिल सकती है।

आगरा। गुजरात की संस्था डोनेट लाइफ ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों को अंगदान के लिए प्रोत्साहित करेगी। 29 मई को खंदारी स्थित जेपी सभागार में एक बड़ा आयोजन किया जा रहा है। इससे न सिर्फ लोगों को जीवन मिलेगा, बल्कि मरने के बाद भी लोगों का दिल किसी दूसरे के सीने में धड़कता रहेगा। उनकी आंखें इस खूबसूरत दुनिया को देखती रहेंगी।

संस्था के संस्थापक सदस्य संदीप कुमार ने बताया कि अस्पतालों में आईसीयू, ट्रोमा सेंटर आदि से ब्रेन डेड घोषित रोगियों के बारे में सूचना प्राप्त करने के बाद संस्था के कार्यकर्ता रोगी के परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों को कैडरवरा अंगदान के बारे में जागरुक करते हैं। यह अभियान अभी तक गुजरात में चलाया गया। संस्था की इस मुहिम से 300 लोग प्रेरित हुए, जिसके चलते 154 लोगों को किडनी, 46 को लीवर मिला है। अब हार्ट दान करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जायेगा। फोर्टिस हॉस्पीटल मुम्बई के सहयोग से हार्ट को सुरिक्षत रखने के लिए सहयोग लिया जायेगा।

भ्रांति को दूर करना जरूरी
डॉ आरसी मिश्रा ने बताया कि समाज में फैली भ्रांति को दूर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मौत दो प्रकार की होती है। एक मानसिक और दूसरी कानूनी। कानूनी मौत तब होती है, जब दिल की धडकनें काम करना पूरी तरह बंद कर दें। और इससे पहले होने वाली डेथ को ब्रेन डेथ कहा जाता है। यहां समझने की जरूरत है। ब्रेन डेथ होने के बाद एक व्यक्ति आंखें, किडनी, लिवर, हृदय जैसे अंग दान कर पांच लोगों को जीवन दे सकता है। बस इसके लिए समाज को जागरुक होने की आवश्यकता है।

ये मौत बचा सकती है किसी की जान

भारत में एक दिन में पांच हजार लोग एक्सीडेंट के कारण मौत का शिकार होते हैं। इसमें भी सर्वाधिक संख्या ब्रेन हैमरेज से होने वाली मौतों की होती है। यदि इनके परिवारीजन दूसरे को कश्ट को समझें, तो अपने मृतक की आंखे, किडनी, हृदय दान में दे सकते हैं। यदि यह मुहिम समझ में आ जाती है, तो आज देश में बढ़ रही सबसे बड़ी समस्या जो है किडनी रोगियों की, पूरी तरह समाप्त हो सकती है। प्रेसवार्ता के दौरान मुकेश जैन, एसएस बैजल, डॉ संदीप अग्रवाल, अशोक जैन सीए, निर्मल सुखबैजल आदि मौजूद रहे।

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