मायावती के करीबी नेता ने दिया ऐसा बयान जिससे भाजपाईयों का फेल हो जाएगा ये प्लान

दलितों संग खिचड़ी सहभोज पर बसपा नेता सुनील चित्तौड़ ने बताई पार्टी की रणनीति, बोले सिर्फ दिखावा, दलितों के लिए नहीं किए कोई काम

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Updated: 02 Mar 2019, 11:28 AM IST

आगरा। लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी दलितों को अपने पाले में खींचने के भरपूर प्रयास कर रही है। इसके लिए खिचड़ी सहभोज का आयोजन किया जा रहा है। दलित वोट बैंक पर नजर लगाए बैठी भाजपा का प्लान बसपा ने फेल करने की पूरी प्रयास कर दिए हैं।

 

आगरा है दलितों की राजधानी
आगरा को दलितों की राजधानी कहा जाता है। यहां दलितों का अच्छा वोट है। लाखों की संख्या में दलित वोट के चलते भाजपा दलितों के बीच अपनी पैंठ बनाना चाहती है। आगरा में हुई बैठक में भाजपाईयों को निर्देश दिए गए कि दलितों के साथ खिचड़ी सहभोज किया जाएगा। इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया गया है। दलित वोट को खिसकने से रोकने के लिए बसपाई भी सक्रिय हैं। बसपा नेता सुनील चित्तौड़ से पत्रिका टीम ने बात की। सुनील चित्तौड़ का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी जो योजना बनाना चाहती है बना लें। लेकिन, दलित वोट भाजपा की ओर नहीं खिसकेगा। दलितों के हितों के लिए भाजपा ने कोई काम नहीं किया है। खिचड़ी बांटने और साथ खाने से दलितों का वोट नहीं मिलेगा। दलितों के लिए बसपा ने संघर्ष किया है। दलितों के हितों की लड़ाई लड़ी है। दलित इस बात को अच्छी तरह जानते हैं कि बसपा ही उनकी हितैषी है। लोकसभा चुनाव 2019 में दलित कहीं नहीं जाएगा, सिर्फ बसपा के साथ होगा। सुनील चित्तौड़ का कहना है कि आरएसएस और भाजपा खिचड़ी और सहभोज चला लें। दलितों का वोट कहीं भी ट्रांसफर नहीं होगा। भाजपा सिर्फ ढोंग कर रही है। चाहे पीएम नरेंद्र मोदी ही क्यों ना हो। वे सिर्फ ढोंग कर रहे हैं।

 

bsp

आगरा में था मायावती का सिक्का
बता अगर 2009 और 2012 की करें तो मायावती के विधायकों को विधानसभा में आगरा में जमकर वोट मिले थे। छह विधायक मायावती की पार्टी में थे। 2009 में आगरा की फतेहपुरसीकरी लोकसभा सीट भी बसपा के पास थी। दलितों की राजधानी में मायावती की पार्टी ने सभी के छक्के छुड़ा दिए थे।

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