बेटे को पढ़ाने असम से इंदौर लाये ताकि बन सके पुलिस ऑफिसर, दे दिया जिंदगीभर का गम

कोई कमी न रहे इसलिए दो नौकरी कर रहे थे, फंदे पर लटका मिला आंखों का तारा

By: Hitendra Sharma

Published: 11 Jan 2021, 10:59 AM IST

इंदौर. अपने बेटे को पुलिस ऑफिसर बनाने के लिए एक पिता करीब 2000 किलोमीटर दूर से इंदौर आया। यहां दो नौकरी कर बच्चे की हर मांग पूरी की और पढ़ाई में किसी भी तरह से समस्या न आए इसके लिए उहर छोटी-छोटी बात का ध्यान भी रखा। पिता के सपने उस वक्त टूट गए जब उसने अपने बेटे को फंदे पर लटका देखा।

पुलिस के अनुसार 14 वर्षीय आदित्य निवासी गणेशधाम ने सुसाइड कर लिया। पिता उत्तम ताती ने बताया कि वे मूल रूप से असम के है। वे कहते हैं मैं पढ़ा लिखा नहीं हूं लेकिन मेरा बच्चा पढ़ लिखकर बडा़ पुलिस अधिकारी बने इस सपने को लेकर मैं असम से इंदौर आया था। मेरी पत्नी और छोटी बच्ची असम में ही है। यहां मैं दो - दो नौकरी सिर्फ इसलिए करता था कि उसे किसी भी तरह पढ़ाई में परेशानी न हो। दिन-रात काम सिर्फ उसी के लिए करता था।

बेटे को लैपटॉप दिलाने के लिए घर में रखे 75 हजार रुपए भी गायब
पिता ने बताया कुछ दिन पहले बोला था कि उसे एक लैपटॉप चाहिए तो उसके लिए मैंने 75 हजार रुपए एकत्र कर रखे थे। शनिवार को उसको लेपटॉप दिलाने वाला था। जैसे ही मैं घर पहुंचा तो उसने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। मैंने बाद में खिड़की से देखा तो वह फंदे पर लटका हुआ था। उसे नीचे उतारा और अस्पताल लेक र पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामले में जांच अधिकारी योगेश ने बताया कि सुसाइड का अभी कारण सामने नहीं आया है लेकिन आस-पास वालों से पता चला है कि वह पिता की आंखों का तारा था। मामले में जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर ने बताया कि घर से 75 हजार भी गायब हैं, जो बच्चे के लेपटॉप के लिए रखे थे।

Hitendra Sharma
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