शिक्षक बनना चाहते थे सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार वत्स, पढ़िए उनकी निजी जिन्दगी के बारे में, देखें वीडियो

आगरा के मुख्य चिकित्साअधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स का स्पेशल इंटरव्यू।

आगरा। हर अधिकारी की शासन प्रशासन की योजनाओं से इतर एक और जिदंगी होती है। नौकरी की व्यस्तता में वे उस जीवन को भूल ही जाते हैं। तो ऐसी ही कुछ उनकी पुरानी यादों को ताजा करने और उनके व्यक्तिगत जीवन के चुलबुले सवालों को जानने के लिए पत्रिका ने विशेष बातचीत की आगरा के मुख्य चिकित्साअधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स से। देखिये स्पेशल इंटरव्यू।

पत्रिका- आपका लक्ष्य जीवन में क्या बनना था?
डॉ. वत्स- चिकित्सक या फिर शिक्षक। क्योंकि दोनों ही कार्य समाजसेवा से जुड़े हैं।

पत्रिका - आपको भोजन में सबसे पसंदीदा क्या लगता है?
डॉ. वत्स- हरे पत्तेदार सब्जियां।

पत्रिका- क्या आपको भी मां या फिर पत्नी के बनाए भोजन में फर्क महसूस होता है।
डॉ. वत्स- बहुत फर्क महसूस होता है, मां का बनाया भोजन बहुत स्वादिष्ट होता है।

पत्रिका - घूमने के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन क्या है?
डॉ. वत्स- हिल स्टेशन।

पत्रिका -आपकी हॉबीज क्या हैं। सर्वाधिक पसंद तीन रुचियां क्या हैं?
डॉ. वत्स- गीत गाना या गुनगुनाना। इसके अलावा दोस्तों से मिलना, बातें करना भी पसंद है।

पत्रिका- सबसे पसंदीदा गाना कौन सा है। बाथरूम में कौन सा गाना गुनगुनाते हैं?
डॉ. वत्स- मुकेश के गाने अच्छे लगते हैं। तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं...ये गाना अकसर गुनगुनाता हूं।

पत्रिका- सबसे अच्छा अभिनेता व अभिनेत्री कौन हैं, जिसे आप पसंद करते हैं औऱ क्यों?
डॉ. वत्स- अमिताभ बच्चन और रेखा।

पत्रिका- पहनने में कौन सा कलर फेवरेट है?
डॉ. वत्स- लाइट कलर अच्छे लगते हैं, ग्रे और क्रीम कलर।

पत्रिका -आपको किससे डर लगता है और क्यों?
डॉ. वत्स- भगवान और अपने उच्चाधिकारियों से। उन्हीं से डरकर काम करते हैं।

पत्रिका -आपकी अरैंज मैरिज हुई तो क्या शादी से पहले लडक़ी देखी थी?
डॉ. वत्स- शादी से पहले लड़की देखी थी।

पत्रिका -शादी व सगाई के बीच के अंतर में किस तरह संवाद होता था। जब आज जैसे संचार के साधन नहीं थे।
डॉ. वत्स- संवाद होता ही नहीं था। लड़की देखी और शादी हो गई।

पत्रिका- ऐसा कोई वाक्या, जब पत्नी से हुई तकरार औऱ आपने मनाया हो अलग अंदाज में।
डॉ. वत्स- विवाद तो वैवाहिक जीवन का एक हिस्सा है। तकरार होती रहती है और मनाने का दौर भी।

पत्रिका- जीवन से जुड़ी कोई और बात जिसे आप शेयर करना चाहते हैं।
डॉ. वत्स- ऐसी कोई घटना नहीं है। मानना ये है कि लोगों को अच्छा लगे वो बात करनी चाहिए।

पत्रिका -क्या आपको यह जिला पसंद है, अगर है तो क्यों?
डॉ. वत्स- आगरा जिला पसंद है, क्योंकि यहां ऐतिहासिक इमारते हैं और यहां के लोग भी काफी अच्छे हैं।


पत्रिका- परिवार से दूर रहने का अनुभव क्या?
डॉ. वत्स- परिवार से कभी दूर रहा नहीं, लेकिन सीएमओ बनने के बाद अलग रहना पड़ा। पर व्यस्तता इतनी अधिक रहती है कि समय नहीं मिलता।

पत्रिका - कॉलेज लाइफ में क्या कभी किसी से प्यार हुआ?
डॉ. वत्स- कभी नहीं।

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धीरेंद्र यादव
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