वित्त मंत्री द्वारा घोषित राहत पैकेज से किसान नाखुश, बोले राहत तभी जब खाद डीजल भी हों सस्ते

- किसानों का कहना है कि डीजल, खाद, बीज और कीटनाशक आदि सस्ते करने से किसानों की लागत का खर्च कम होगा, तभी उन्हें इस पैकेज से राहत मिल सकेगी।

By: Neeraj Patel

Published: 16 May 2020, 04:23 PM IST

आगरा. किसानों व पशुपालकों के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा घोषित राहत पैकेज से आगरा के किसान नाखुश हैं। उनका कहना है कि अगर लागत का मूल्य ज्यादा रहेगा तो राहत पैकेज हमें कोई राहत नहीं मिलेगी। राहत पैकेज से किसानों को लाभान्वित करने के लिए सरकार को डीजल, खाद, बीज और कीटनाशक को सस्ता करना चाहिए।

सरकार समर्थन मूल्य बढ़ाए

किसान राजेन्द्र पाल का इस मामले मे कहना है कि किसानों को रियायती दर पर ऋण दिया जाएगा तो वो ऋण ले तो लेगा, लेकिन चुकाएगा कैसे! ये एक बड़ा सवाल है। ऋण चुकाने के लिए किसानों की आमदनी बढ़ना जरूरी है। आमदनी तभी बढ़ेगी जब कृषि लागत कम हो। ऐसे में सरकार को समर्थन मूल्य को बढ़ाना चाहिए।

छोटे किसानों का कर्ज माफ हो

किसान नेता श्याम सिंह चाहर का कहना है कि लॉकडाउन ने पहले ही किसानों की मुश्किल काफी बढ़ा दी है। इस समय न दूध बिक रहा है और न सब्जी। आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है, लेकिन निकल नहीं पा रहा है। ऐसे में किसान बहुत परेशान है। इन स्थितियों को समझते हुए सरकार को छोटे किसानों का पुराना बकाया ऋण माफ कर देना चाहिए। तब जाकर किसानों को सही मायने में मदद मिल सकेगी।

पशुपालकों के लिए पैकेज में कुछ खास नहीं

पशुपालक राम सिंह का कहना है कि पैकेज में सरकार ने पशुपालकों के लिए कुछ खास नहीं रखा है। दूध न बिक पाने से पहले ही उनका काफी नुकसान हुआ है, वहीं पशुओं के लिए चारा भी ठीक से नहीं मिल पा रहा है। सरकार को पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके लिए दुग्ध खरीद की यूनिट लगायी जा सकती है, या फिर बड़ी दुग्ध कंपनियों द्वारा पशुपालकों से ही पूरा दूध खरीदने जैसी घोषणा करनी चाहिए। ताकि दूध की बिक्री हो सके।

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