Flood Alert : खतरे के निशान के पार चम्बल, बाढ़ के साथ बारिश का सता रहा डर

Flood Alert : खतरे के निशान के पार चम्बल, बाढ़ के साथ बारिश का सता रहा डर
Chambal River

Dhirendra yadav | Publish: Sep, 17 2019 04:06:45 PM (IST) | Updated: Sep, 17 2019 04:06:46 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

-खतरे के निशान को पार कर बह रही चम्बल,अलर्ट जारी
-राहत सामग्री न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश,दहशत में गुजारी रात

आगरा। चम्बल (Chambal River) का जलस्तर खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर पहुंच गया है। चम्बल में उफान के बाद ग्रामीण पलायन कर ऊंचे टीलों पर पहुंच गये हैं। चम्बल के तटवर्ती इलाके में करीब दर्जनभर गांवों में घर, स्कूल व खेत खलियान सब कुछ डूब गया है। ग्रामीणों की बढ़ती मुश्किलों से निपटने के लिए पीएसी के जवानों एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। गांव में बाढ़ से परेशान ग्रामीण ऊंचे टीलों पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। आगरा प्रशासन बाढ़ से पैदा हुए हालातों से निपटने में जुटा है, लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां राहत सामग्री न पहुंचने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है। बाढ़ से त्रस्त ग्रामीणों ने दहशत के साये में रात गुजारी ।

ये हो रही मुश्किल
चम्बल के पिनाहट घाट से सटे इलाके में दर्जनों गांवों में घर मकान और स्कूल सभी कुछ तबाह हो गया है। पूरी तरह पानी में डूबने से घरों में रखा राशन नष्ट हो गया है तो वहीं कीमती सामान भी बर्बाद हो रहा है। गांव से पलायन कर ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर पहुंच गये हैं। लेकिन राशन खत्म होने से संकट गहराता जा रहा है। खेतों में बाढ़ का पानी भरने से जानवरों के लिए चारे का संकट बना हुआ है।

इन गांवों में लगी पीएसी
चंम्बल नदी के किनारे बसे गांव गुढ़ा, गोहरा, कछियारा उमरैठा पुरा, रेहा, रानी पुरा, भटपुरा सहित एक दर्जन गांव बुरी तरह प्रभावित हैं। इन गांवों में बसे ग्रामीणों को निकालने के लिए पीएसी के जवान लगातार जुटे हुए हैं। पीएसी जवानों के साथ एनडीआरएफ की टीम भी लगी हुई है।

टूटा 1996 का रिकॉर्ड
चम्बल नदी में 23 सालों का रिकॉर्ड टूटा है। नदी खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर बह रही है। जबकि अभी और जलस्तर बढ़ने की संभावना है। आगरा प्रशासन ने इस क्षेत्र में पहले से ही बाढ़ चौकियां बनाई हुई हैं। बाढ़ चौकियों की मदद से प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग को राहत कार्य में लगाया गया है।

ग्रामीणों को सता रहा डर
चम्बल में बाढ़ से परेशान ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद अब उन्हें बारिश का डर सता रहा है। दरअसल बाह पिनाहट क्षेत्र में बाढ़ में घर से बेघर हुए ग्रामीणों के पास सिर छुपाने के लिए भी जगह नहीं हैं। खुले आसमान के नीचे ही बूढे बच्चे जवान सभी को रहना पड़ रहा है। यदि बारिश हुई तो और मुश्किल बढ़ सकती हैं।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned