वन क्षेत्राधिकारी ने भेजा अजीबोगरीब नोटिस, हस्ताक्षर भी फर्जी

 
वन अपराध के नाम पर ऐसे नोटिस भेजा गया है, जिसमें न तारीख, न स्थान,  अपराध का ब्योरा है और हाजिर होने का निर्देश दिया गया है।

By: Bhanu Pratap

Published: 11 Sep 2017, 04:51 PM IST

आगरा। वन क्षेत्राधिकारी, रेंज खेरागढ़, आगरा द्वारा निर्गत अजीबोगरीब नोटिस का प्रकरण संज्ञान में आया है। वन क्षेत्राधिकारी, रेंज खेरागढ़, आगरा तौफीक अहमद ने 6 सितम्बर, 2017 को एक नोटिस दीपक खंडेलवाल को भेजा गया है कि आपने वन अपराध किया है, अतः आप दिनांक 11 सितम्बर, 2017 को प्रातः 10.00 बजे नहर कोठी, कागारौल, रेंज आगरा पर उपस्थित होकर अपने बचाव में प्रमाण प्रस्तुत करें। नोटिस पर दिनांक 6 सितम्बर, 2017 अंकित है, जिसको स्पीड पोस्ट से दिनांक 7 सितम्बर, 2017 को भेजा गया है। विस्मय की बात यह है कि भेजे गए नोटिस में लिखा है, ”आप दिनांक ...... को ........बजे............ वन क्षेत्र में अनधिकृत रूप से......पकड़े गए, जो वन अपराध है।“  (संलग्नक-1)। नोटिस के अनुसार, श्री दीपक खंडेलवाल वन अपराध में पकड़े गए हैं, लेकिन किस दिन, कितने बजे, कहाँ पर पकड़े गए, इसका उल्लेख ही नहीं है।

वन उपज की आड़ में उत्पीड़न

दीपक खंडेलवाल, आगरा एग्रीगेट ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के सचिव हैं। उनका कहना है कि राजस्थान से लाई जा रही गिट्टी को ‘वन उपज’ मानकर अवैध वसूली की जा रही है। उसका वह एसोसिएशन के सचिव के नाते विरोध कर रहे हैं। इसलिए वन विभाग ने उत्पीड़न का यह तरीका निकाला है। सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत उप वन संरक्षक, भरतपुर ने तीन मई, 2017 ने अधिनियम-2005 के अन्तर्गत अवगत कराया है कि गैर वनभूमि पर लगाए हुए क्रेशर से निर्गत की हुई क्रेशर गिट्टी वन उपज की श्रेणी में नहीं आती है।

इलाहाबाद में होते हुए हस्ताक्षर कैसे हो गए

अत्यन्त महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ओर तौफीक अहमद, वन क्षेत्राधिकारी, रेंज खेरागढ़, आगरा के द्वारा भेजे गए नोटिस दिनांक 6 सितम्बर, 2017 पर उनके हस्ताक्षर हैं, वहीं दूसरी ओर दीपक खंडेलवाल के ट्रक संख्या आरजे 06 जीए 4107 का प्रकरण न्यायालय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (षष्ठम) के यहाँ विचाराधीन है, जिसमें वन विभाग के अधिवक्ता द्वारा न्यायालय को 4 सितम्बर, 2017 व 7 सितम्बर, 2017  को यह अवगत कराया कि तौफीक अहमद लगातार 4 से 7 सितम्बर, 2017 तक उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में शासकीय कार्य से गए हुए हैं।  इसलिए सम्बन्धित न्यायालय को प्रेषित की जाने वाली आख्या पर उनके हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं।

मुख्य वन संरक्षक, आगरा वृत्त के फोन से हुई पुष्टि

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के डॉक्युमेंटेशन एवं लाइब्रेरी प्रमुख,पूर्व प्रदेश महामंत्री (संगठन) केशो मेहरा के साथ आगरा एग्रीगेट ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक बंसल व सचिव दीपक खंडेलवाल मुख्य वन संरक्षक, आगरा वृत्त बीके सिंह से मिले। उनके संज्ञान में यह प्रकरण लाया गया। बीके सिंह ने तत्काल फोन पर तौफीक अहमद से बात की व पूछा कि अभी तक आख्या न्यायालय में क्यों नहीं पहुंचाई है?  इस पर तौफीक अहमद ने कहा कि मैं इलाहाबाद में हूँ व अपने अधीनस्थ अधिकारी को कह देता हूँ कि आख्या न्यायालय पहुंचा दें। जब तौफीक अहमद, वन क्षेत्राधिकारी, रेंज खेरागढ़, आगरा छह सितम्बर 2017 को इलाहाबाद में थे, तब उनके हस्ताक्षर दीपक खंडेलवाल को खेरागढ़, आगरा से भेजे गए नोटिस पर कैसे हो गए? केशो मेहरा का कहना है कि वन विभाग अवैध वसूली के लिए इस तरह के नोटिस जारी कर रहा है।

 

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