VIDEO: बाह के बीहड़ों में इस तरह खुला विकास का पिटारा, सुनिए राजा अरदिमन सिंह की जुबानी ये कहानी

अब बाह में क्या हैं सुविधायें, किस तरह कराया गया यहां का विकास।

आगरा। जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बाह विधानसभा क्षेत्र की जब भी बात आती है, तो यहां के बीहड़ और उस बीहड़ में बसने वाले अपराधों की चर्चा शुरू हो जाती है। इस क्षेत्र में रात के अंधेरे में लोगों को निकलने से डर लगता था। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं था। चम्बल नदी होने के बाद भी पीने के पानी की समस्या थी। आवागमन का साधन नहीं था। न जाने कितनी सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन विकास का रास्ता साफ नहीं हो सका। बाह को विकास की सही डगर पर लाने के लिए भदावर परिवार के पूर्वजों ने जो बीड़ा उठाया, उसे आगे ले जाते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह ने भी कई महत्वपूर्ण कार्य कराये। पढ़िए पत्रिका डॉट कॉम से राजा महेन्द्र अरदिमन सिंह की खास बातचीत।

अरिदमन सिंह के बारे में
भदावर राज्य के राजा महेन्द्र अरिमदन सिंह को बाह की जनता ने छह बार विधायक चुना। पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी पत्नी रानी पक्षालिका सिंह को लड़ाया और विजयी रहीं। चुनाव में आमतौर पर प्रत्याशी जनता के चरण स्पर्श करता है, लेकिन बाह में इसका उल्टा है। यहां जनता ही राजा अरिदमन सिंह के पैर छूती है। वे उत्तर प्रदेश के तीन बार मंत्री रहे। स्वास्थ्य, परिवहन, स्टाम्प, आईटी मंत्री के रूप में आगरा के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश के लिए काम किया। मंत्री पद से हटने के बाद कई काम अधूरे रह गए। आगरा की गंगाजल परियोजना की स्वीकृति अरिदमन सिंह ने ही कराई थी। जिला अस्पताल में सभी प्रकार की जांचें, एसएन मेडिकल कॉलेज के वर्तमान इमरजेंसी, अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी), बाह में भदावर डिपो की स्थापना, बाह को सीधे दिल्ली और राजस्थान से जोड़ने का कार्य किया है।

पत्रिकाः सबसे महत्वपूर्ण कार्य, जो बाह के विकास मे मील का पत्थऱ साबित हुए
राजा अरिदमन सिंहः जब जनप्रतिनिधि बने तो सबसे पहले पांच गांवों में विद्युतीकरण कराया। विकास के इस महत्वपूर्ण कदम में न जाति देखी गई और न ही कोई धर्म। इस प्रक्रिया में पांच गांव शामिल थे, जिनमें निषाद, ठाकुर और ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र रहे।

पत्रिकाः सिंचाई क्षेत्र के लिए क्या कदम उठाये
राजा अरिदमन सिंहः पिता राजा रिपुदमन सिंह की कल्पना थी कि सिंचाई के लिए कोई महत्वपूर्ण कार्य हो। इसके लिए 1979 में जनता पार्टी की सरकार में रिपुदमन सिंह चम्बल डाल परियोजना स्वीकृत हुई। वे मंत्री बने, तभी इस योजना को गति मिली। 18 माह में इस योजना को पूरा करने में सफलता पाई, 26 मीटर और चार पंपों के साथ ये योजना पूरी की गई, जिससे 400 क्यूसेक के साथ सिंचाई के लिए जल मिलना शुरू हुआ।

पत्रिकाः किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम कौन सा रहा?
राजा अरिदमन सिंहः जरार में मंडी नहीं थी, इसके लिए प्रयास शुरू किय गये। 18 साल में सफलता मिली। जिसके बाद 2013 में जमीन चिन्हित होने के बाद अधिगृहीत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया गया है कि अब बाकी का कार्य शीघ्र हो, जिससे मंडी शीघ्र निर्मित हो सके। इससे किसानों को बड़ी सुविधा होगी। सभी सुविधाओं से युक्त इस मंडी में अनाज, फल, पुष्प आदि का व्यापार होगा। जरार के किसानों को कहीं और नहीं जाना होगा।

पत्रिकाः पेयजल समस्या के लिए उठाया क्या कदम?
राजा अरिदमन सिंहः पेयजल समस्या बाह की ही नहीं पूरे जनपद में थी। वहीं बाह में पानी का स्तर बहुत नीचे है। इसके लिए डीप बोरिंग की आवश्यकता है। इसके लिए सोचा गया कि हैडपंप से कभी पूरी नहीं हो सकती है, इसलिये ओवरहेड पाइप वॉटर सप्लाई को पूरा करने के लिए रुख किया। बाह के साथ पूरे जनपद में 380 से ज्यादा पाइप वॉटर सप्लाई के लिए जगह चिन्हित की गई और ये योजना सरकार को भेज दी गई। बाह विधानसभा क्षेत्र में करीब 12 ओवर हैड टैंक की स्कीम स्वीकृत हो गई। आगे लक्ष्य है कि प्रदेश और केन्द्र सरकार यदि 380 पाइप वॉटर सप्लाई स्वीकृत कर दे, तो पूरे आगरा जनपद की समस्या समाप्त हो जाएगी।

पत्रिकाः बाह का महत्व पर्यटन की दृष्टि से भी है। उसके लिए कोई खास काम हुआ क्या?
राजा अरिदमन सिंहः चंबल में घड़ियाल हैं, पक्षी हैं, खास तौर पर एक पक्षी पाया जाता है, जिसकी लाल चोंच होती है, उसे रेड बीट स्किमर कहते हैं, वो नदी के उपर ही चलता है, वो सिर्फ चम्बल में ही पाया जाता है। साथ ही बटेश्वर जो तीर्थों का भांजा माना जाता है, वहीं शौरीपुर भगवान नेमिनाथ की जन्म स्थली है। उसके लिए दर्शनार्थी बड़ी संख्या में आते हैं। सीएम योगी ने मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपया स्वीकृत किया। जब परिवहन मंत्री थे, तब बटेश्वर से राजस्थान के लिए बस सेवा शुरू की थी दर्शनार्थियों के लिए।

पत्रिकाः भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के गांव बटेश्वर का विकास क्यों नहीं हो पाया?
राजा अरिदमन सिंहः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 करोड़ रुपये की घोषणा की, इसका बजट में भी प्रावधान किया। पत्र भी आ गया, जिसके बाद सीएम से मिलकर बात की और अनुरोध किया। अटल जी की जन्मस्थली बटेश्वर को एक और नई पहचान देने के लिए प्रस्ताव दिया गया। जगह की कमी है, तो हमारे भदावर किले की जगह ले ली जाये। अटल जी से जुड़ी यादों को संजोने के लिए संग्रहालय और फोटो गैलरी अटल जी की जीवनी पर बनाई जाए। एक सभागार हो, जिससे लोग अटल जी के जीवन दर्शन कर सकें। जल्दी ही काम धरातल पर दिखाई देंगे।

पत्रिकाः पर्यावरण ऐसा विषय है, जिसके बारे में कोई राजनेता नहीं बोलता है। आप इस बारे में लगातार बात करते हैं, इसका कारण क्या है?
राजा अरिदमन सिंहः विजन डॉक्यूमेंट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत तैयार हो रहा था, उसमें खामियां दिखीं। ये ऊपर ही ऊपर अधिकारी तैयार कर रहे थे। विजन डॉक्यूमेंट के आधार पर टीटीजेड क्षेत्र में जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश होगा, उससे अगरा का जनमानस, उद्योग धंधे प्रभावित होंगे और रोजगार भी प्रभावित होगा। कई उद्योगों पर यहां रोक लग गई थी, बिना पूरी स्टडी किये, कि ताजमहल पर जो वायु प्रदूषण होता है वो किन कारणों से होता हैं और जो पर्यावरण विशेषज्ञ हैं, उनसे भी परामर्श नहीं लिया गया था, कि क्या कारण है और रोकथाम के क्या उपाय हैं। जब ये विजन बनेगा, तभी सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेगी, जिससे ताजमहल को भी नुकसान न पहुंचे, यहां का विकास भी प्रभावित न हो और रोजगार भी प्रभावित न हो। खास तौर पर जो वायु प्रदूषण है, तो साफ बता दें कि एयर क्वालिटी साढ़े चार सौ एक्यूआर पहुंच जाती है, जबकि एवरेज 50 से कम सही मानी जाती है। सात माह के बच्चे पैदा हो रहे है, वो वायु प्रदूषण के कारण हो रहे हैं। आदमी की उम्र भी 10 से 12 वर्ष कम हो रही है। प्रदूषण मानवजीवन के लिए घातक है। यह पूरे आगरा की समस्या है। प्रदूषण के खिलाफ दमदारी से लड़ाई लड़ेंगे। विजन डॉक्यूमेंट के नाम पर मनमानी नहीं करने दी जाएगी।

पत्रिकाः बाह को अपराधियों का गढ़ कहा जाता था। क्या अपराध पर कोई अंकुश लग पाया है?
राजा अरिदमन सिंहः बाह में डकैत नहीं, बागी थे। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जो अपमान होता था, उससे कुंठित होकर ये बागी बनते थे। डकैती उनका पेशा नहीं था, वे अपने जीवनयापन करने के लिए पकड़ करते थे। ज्यादातर अपराध वहां नहीं करते थे, जहां रहते थे। समय बदलता चला गया और रोबिन हुड की इमेज बदली, और फिर अपराधियों के रूप में उनकी पहचान हो गई। फिर सड़क बनीं तो आसानी से छुपने की जगह नहीं हैं। बागी और डकैत भी समाप्त हो गई। अब बाह क्षेत्र में ऐसी कोई समस्या नहीं है। रंजिशन अपराध हो रहे हैं औऱ होते रहेंगे।

पत्रिकाः जातिवाद बहुत अधिक हावी रहा, इसके लिए क्या कदम उठाये?
राजा अरिदमन सिंहः एक जनप्रतिनिधि के लिए सभी समान होते हैं। वहां जाति और धर्म की कभी बात नहीं होती है। ये तो विपक्षियों की साजिश रहती है। उनके पास कोई मुद्दा नहीं होता है, तो वे ऐसी बाते करते हैं।

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धीरेंद्र यादव
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