165 स्कूलों पर लटके ताले

जब शासन का डंडा चलता है तो फिर शिक्षक क्या करे । स्कूल जाने की बजाए उसे दूसरी जगह जाना मजबूरी है ।

By: Vikas Kumar

Published: 05 Oct 2016, 01:13 PM IST

आगरा। एक ओर जहां शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा को संवारने में लगे शिक्षकों को इलेक्शन डयूटी में व्यस्त कर, शिक्षा के क्रम को तोडा जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है, कि क्या ऐसे बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प पूरा हो पाएगा। बीएलओ डयूटी में इस बार कुछ ऐसा किया गया, कि एक दिन की ट्रेनिंग से नगरीय क्षेत्र के 165 स्कूलों पर ताले लटक गए। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसका विरोध किया है।

शतप्रतिशत स्टाफ की बीएलओ में डयूटी
यूपी चुनाव 2017 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर चुनाव के लिए बीएलओ को प्रशिक्षित किया जाना है। इसके लिए आगरा के 165 स्कूलों के शत प्रतिशत स्टाफ को प्रशिक्षण के लिए सूरसदन प्रेक्षागृह में बलाया गया। दो शिफटों में होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वालों पर कडी कार्रवाई के साथ वेतन काटे जाने की भी तलवार लटकी हुई है। इसलिए सुबह से ही शिक्षिकों ने स्कूल जाने के बजाए, सूरसदन प्रेक्षागृह में होने वाली बीएलओ ट्रैनिंग के लिए रुख किया।

सभी शिक्षक शिक्षकाओं को मिला एसएमएस
प्रशिक्षण कार्यक्रम से पूर्व नगर क्षेत्र में तैनात सभी 430 शिक्षक  शिक्षकाओं को जिला निर्वाचन कार्यालय से एसएमएस आया। एसएमएस में साफ किया गया था, कि सभी शिक्षक शिक्षकाओं को इस प्रशिक्षण में अपनी मौजूदगी दिखानी है। गैर हाजिर रहने वालों पर कार्रवाई होगी। उनका वेतन भी काटा जाएगा। प्राथमि​क शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों के स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में बीएलओ डयूटी से ये स्कूल बंद ही रखने पडेंगें।

शिक्षकों की मांग पर प्रशासन ने की अनसुनी
प्राथमि​क शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा ने बताया कि प्रशासन से मांग की गई थी, कि बीएलओ डयूटी शिक्षक करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उसमें थोडा सा परिवर्तन कर दिया जाए, तो पढाई भी नहीं रुकेगी और चुनाव कार्य भी आसानी से निपट जाएगा। उनके द्वारा मांग की गई थी, कि जिन स्कलों में  स्टाफ की संख्या अधिक हैं, वहां के आधे स्टाफ को बीएलओ डयूटी में लगाया जाए। मान लीजिए जहां शिक्षकों की संख्या दो हैं, वहां दोनों शिक्षक इस डयूटी में लगा दिए गए, तो वह स्कूल तो बंद ही करना पडेगा, इसके लिए ऐसे स्कूल में किसी एक अध्यापक की चुनाव में डयूटी लगा दी जाए, दूसरे को स्कूल की जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने बताया कि इस मांग पर प्रशासन द्वारा कोई जबाव नहीं दिया गया ।

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