5,70,793 लोगों के बीच खोजे जा रहे टीबी रोगी, दी जा रही जानकारी


-पहले चरण में 580 टीबी रोगी खोजे जा चुके हैं, चल रहा है दूसरा चरण।
-इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन।

By: suchita mishra

Published: 19 Feb 2020, 10:48 AM IST

आगरा। 2025 तक आगरा को टीबी मुक्त करने के लिए जिला छय रोग विभाग दूसरे चरण का अभियान चला रहा है। एक्टिव केस फाइंडिंग के दूसरे चरण में नए रोगियों को खोजने का काम किया जा रहा हैय़

क्या कहते हैं सीएमओ
मीडिया कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि अभियान के माध्यम से टीबी रोगियों की पहचान की जा रही है, जिससे उनका समुचित इलाज किया जा सके। क्षय रोग एक गंभीर बीमार है, जो लंबे समय से जन सामान्य की स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। यह बीमारी 21वीं सदी के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने टीबी बीमारी को 2025 तक समाप्त करने के लिए कार्यरूप को प्रमुखता प्रदान की है। सीएमओ ने बताया कि वर्ष 2018-19 में आगरा में 580 टीबी मरीजों को एक्टिव केस फाइंडिंग चरण में खोजा गया।

जिला क्षय रोग अधिकारी डा.यूबी सिंह ने बताया कि 17 फरवरी से 29 फरवरी में दो टीबी यूनिट आगरा साउथ और शमसाबाद की 570793 जनसंख्या को टीबी के संभावित लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए रोग की जानकारी दे रहे हैं। 38 सुपरवाइजरों के साथ 192 टीम काम कर रही हैं। हर टीम में तीन सदस्य रखे गए हैं। आईएमए के सचिव डॉ .संजय चतुर्वेदी, डॉ. अशोक शर्मा ने अभियान को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर डीटीओ डॉ. योगेश्वर दयाल, पीपीएम को-आर्डिनेटर कमल सिंह आदि मौजूद रहे।

टीबी के लक्षण
-दो हफ्ते या इससे ज्यादा समय खांसी आना।
-शाम को चढ़ने वाला बुखार।
-रात में पसीना आना।
-भूख नहीं लगना।
-वजन में लगातार गिरावट
-रात में पसीना आना
-सीने में दर्द रहना

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