शिवपाल यादव का करीबी अधीक्षण अभियंता लखपति, रिश्तेदार अरबपति

आयकर विभाग की छापेमारी में हुआ बड़ा बेनामी संपत्ति का खुलासा, 24 घंटे से अधिक समय तक चली आयकर की छापेमारी

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Published: 12 Nov 2017, 10:56 AM IST

आगरा। आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिवपाल यादव के करीबी अधीक्षण अभियंता के घर 24 घंटे से अधिक आयकर विभाग की टीमों ने गहन छापेमारी की। इस दौरान उन्हें ऐसे कई सबूत मिले हैं, जो बड़ी बेनामी संपत्ति और अरबों के प्रापर्टी की ओर इशारा करते हैं। आयकर विभाग ने कई सबूत एकत्रित किए हैं। वहीं पूरे छापामार अभियान के दौरान आगरा, एटा में रिश्तेदारों के बयान भी टीम ने रिकॉर्ड किए हैं। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो राजेश्वर सिंह लखपति हैं तो साला, पुत्र, पुत्रवधु, बेटा, भतीजा और पत्नी अरबपति हैं।

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गांव मेंहनी और आगरा के लॉयर्स कॉलोनी में हुई थी कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिंह के एटा स्थित गांव मेंहनी और आगरा के लॉयर्स कॉलोनी के ससुर के घर सहित कई स्थानों पर आयकर विभाग की टीमों ने छापामार कार्रवाई की थी। टीम की कार्रवाई शनिवार रात को समाप्त हुई। इसके बाद सभी दस्तावेज एकत्रित करने के बाद आयकर की टीम ने सभी रिश्तेदारों के वीडियो बयान भी दर्ज किए। बताया किया है कि छापेमारी के दौरान टीम को राजेश्वर सिंह के रिश्तेदारों के पास अपनी करोड़ों की संपत्ति के सबूत मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि भतीजे और बेटे ने कबूल भी किया है कि जो भी प्रापर्टी है, वो राजेश्वर सिंह द्वारा खरीदी गई हैं और वे सिर्फ उसकी देखरेख करते हैं। वहीं टीम का कहना है कि एनसीआर में अधीक्षण अभियंता के करीब 50 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज के सबूत मिले हैं और राजेश्वर सिंह के पास दो से ढाई अरब की संपत्ति होने की जानकारी मिली है। अब आयकर विभाग आगे की कार्रवाई के लिए तैयारी में जुट गया है।

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