अंगदान करने में स्पेन अव्वल और भारतीय फिसड्डी

अंगदान करने में स्पेन अव्वल और भारतीय फिसड्डी
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Sudhanshu Trivedi | Publish: May, 30 2016 02:13:00 PM (IST) agra

ब्रेन डेड होने पर जहां स्पेन में 32 फीसदी लोग और यूएसए में 21 प्रतिशत लोग किडनी और हृदय जैसे अंगों का दान कर दूसरों का जीवन बचाते हैं, वहीं भारत में यह प्रतिशत महज .005 है।

आगरा. भारत में मरने के बाद घर के लोग जिस शरीर से सभी आभूषण तक उतार लेते हैं तो फिर ऐसे नश्वर शरीर के ब्रेन डेड की स्थिति में अंगदान करने में हिचक क्यों रहती है। ब्रेन डेड होने पर जहां स्पेन में 32 फीसदी लोग और यूएसए में 21 प्रतिशत लोग किडनी और हृदय जैसे अंगों का दान कर दूसरों का जीवन बचाते हैं, वहीं भारत में यह प्रतिशत महज .005 है। यह आंकड़े गुजरात (सूरत) की संस्था डोनेट लाइफ ने खंदारी क्रासिंग स्थित जेपी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में दिये। आगरा में संस्था का विधिवत शुभारंभ कर ब्रेन डेड की स्थिति में लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

अंगदान करने के लिये करें जागरुक
कार्यक्रम का शुभारमम्भ मुख्य अतिथि डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों से ब्रेन डेड की स्थिति में अंगदान करने के लिए न सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिजनों व रिश्तोदारों को भी जागरूक करने को कहा। अंग प्रत्यारोपण के लिए यूपी पुलिस की ओर से हर सम्भव सहयोग करने का आश्वासन देते हुए गुजरात की तरह ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था में भी सहयोग की बात कही। जागरूकता के लिए उन्होंने इस कार्यक्रम को स्कूल व कॉलेजों में भी करने का सुझाव दिया। संस्था के अध्यक्ष नीलेश मांडलेवाला ने कहा कि अंगदान करने से हम सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को जीवन दान देते हैं।

किया गया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में संस्था के उपाध्यक्ष संदीप कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। जेपी हॉस्पीटल के डॉ अनिल प्रसाद भट्ट व डॉ मनोज गुप्ता ने अंगदान के सामाजिक व कानूनी पहलू पर प्रकाश डाला। आईएमए अध्यक्ष डॉ जेएन टंडन ने अंग प्रत्योपण के दौरान होने वाली जटिलताओं व कानूनी समस्याओं पर विचार विमर्श किया। संस्था के ट्रस्टी निर्मल सुख बैजल ने संस्था को एक लाख का चैक प्रदान किया।  इस मौके पर जिला जज राजीव लोचन, डॉ आरएस पारीक, विशप अल्बर्ट डिसूजा, मुकेश जैन, अशोक जैन सीए ने भी अपने विचार रखे।
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