जेल से छूटकर आए बेगुनाह दंपति को नहीं पहचान सकी बेटी, गले लगकर लड़ाया लाड़

- आगरा में एक बेगुनाह दंपति को हत्या के झूठे मामले में पांच साल जेल काटनी पड़ी।

By: arun rawat

Updated: 30 Jan 2021, 01:59 PM IST

आगरा। हत्या के झूठे आरोप में पांच साल जेल में रहे बेगुनाह दंपति जब जेल से रिहा होकर घर पहुंचे तो उनकी बेटी पिता को नहीं पहचान सकी। बेटी के गले लगकर पिता ने लाड़ लड़ाया। बच्चों को गले लगाकर पति और पत्नी फूट-फूट कर रोए।

यह था मामला
पांच साल पहले वर्ष 2015 में बाह तहसील के जरार क्षेत्र में रहने वाले योगेन्द्र सिंह के पांच साल के मासूम बेटे रंजीत की हत्या हो गई थी। बेटे का शव बरामद होने पर पिता ने पड़ोस के ही नरेन्द्र और उनकी पत्नी नजमा पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस विवेचना में भी पति-पत्नी को आरोपित बताते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था।

निर्दोष हुए साबित
कोर्ट में चले मामले में उनकी पैरवी हुई और वह दोनों निर्दोश साबित हुए। जेल से छूटने के बाद जब वह पति और पत्नी घर पहुंचे तो बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी। जानकारी करने पर पता चला कि उनके दोनों बच्चे बाल सुधार ग्रह कानपुर में हैं। जब वह बच्चों को लेने बाल सुधार ग्रह पहुंचे तो बेटी पिता को नहीं पहचान सकी। जद्दोजहद के बाद उन्हें बच्चे तो मिल गए लेकिन जेल में बीता हुआ उनका कल कौन लौटाएगा। इस बात की चिंता अभी भी उन्हें सता रही है।

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