#Krishna Janmashtami जानिए, क्यों खास है इस बार जन्माष्टमी

#Krishna Janmashtami जानिए, क्यों खास है इस बार जन्माष्टमी
Krishna Janmashtami

Amit Sharma | Updated: 24 Aug 2016, 04:38:00 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

भगवान कृष्ण के जन्म को लेकर पूरा ब्रज उत्साहित है। इस बार जन्माष्टमी पर विशेष योग है। जानिए, क्या होगा लाभ।

आगरा। भगवान कृष्ण के जन्म को लेकर पूरा ब्रज उत्साहित है। इस बार जन्माष्टमी इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इस दिन गुरुवार है। यह दिन भगवान विष्णु का दिन होता है। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि यह जन्माष्टमी उनकी झोली में खुशियां भर देगी, जो निसंतान हैं। 101 बार गोपाल स्त्रोत का पाठ करने से उन्हें संतान की प्राप्ति होगी। वहीं गीता का अध्ययन भक्तों के हर संकट का निदान करेगा।

जन्माष्टमी पर पूजा करने का सही मूहुर्त और समय
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि 24 अगस्त को रात 10.17 से ही अष्टमी लग जाएगी, लेकिन व्रत रखने का अच्छा दिन गुरुवार का ही है, इसलिए इच्छुक जातक इसी दिन को व्रत रखें। इस बार रोहिणी नक्षत्र लग रहा है, इसलिए निशिता पूजा का सर्वोत्तम समय मध्यरात्रि यानि 12 बजे से लेकर 12.45 बजे तक का है।

52 वर्ष बाद बन रहा ऐसा सुंदर संयोग
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि इस बार 25 अगस्त को गोकुल जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वैसे तो कन्हैया का जन्म हर लिहाज से खास होता है, लेकिन इस बार जन्माष्टमी काफी खास है। इस बार पूरे 52 वर्ष बाद ऐसा त्रिगुण संयोग बन रहा है, जैसा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय बना था। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जिस समय मां देवी के गर्भ से वासुदेवनंदन का जन्म हुआ था, उस समय रोहिणी नक्षत्र था, और भादो की अष्टमी थी। ऐसा नक्षत्र साल 1958 में बना था। उसके बाद इस साल यानि 25 अगस्त 2016 को यह योग बन रहा है।
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