लड़की है हवा में मत उड़, घर का काम काज सीख...

लीडर्स आगरा की ओर से महिला सशक्तिकरण-संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित परिचर्चा में प्रबुद्धजीवियों ने रखे विचार

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Published: 07 Jun 2018, 11:10 AM IST

आगरा। लड़की है हवा में मत उड़, घर का काम काज सीख संभालना तो चौका-चूल्हा ही है। घर की दहलीज ही स्त्री का दायरा है, जैसे हर तंज और ताने को हमें झूठा साबित कर ताकत बनाना है और आज की महिला घर की चारदीवारी में नहीं रहना चाहती बल्कि आत्मनिर्भर बनना चाहती है। इसलिए महिलाओं को आगे बढ़ाने से ही भारत भाग्य विधाता बनेगा। ऐसे ही विचारों को सामने रखते हुए महिला सशक्तिकरण पर आयोजित एक कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज को झकझोरने और महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास जगाने का प्रयास किया।

 

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महिलाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर
सामाजिक संस्था लीडर्स आगरा की ओर से आयोजित परिचर्चाओं की श्रृंखला में मदिया कटरा स्थित होटल वैभव पैलेस में वर्तमान परिवेश में महिला सशक्तिकरण-संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर संबोधित करते हुए वक्ताओं ने महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता केबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश शासन एसपी सिंह बघेल की धर्मपत्नी मधु बघेल ने महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ अन्य क्षेत्र में चलाई जा रहीं विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इन योजनाओं से जुड़कर लाभान्वित होने और अन्य महिलाओं को इनसे जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पहला और मूलभूत साधन है। शिक्षा ही वह उपकरण है जिससे महिला समाज में अपनी सशक्त, समान व उपयोगी भूमिका दर्ज करा सकती है। दुनिया के जो भी देश आज समृद्ध और शक्तिशाली हैं वे शिक्षा के बल पर ही आगे बढ़े है। इसलिए आज समाज की आधी आबादी अर्थात महिलाएं जो कि विकास की मुख्य धारा से बाहर हैं उन्हें शिक्षित बनाना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य बेबी रानी मौर्य ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की सोच को सार्थक बनाने के लिए आज हमारे सामने संस्कारों में आई गिरावट प्रथम चुनौती है। हमें सोचना होगा कि जिस तरह हमें हमारे माता-पिता ने संस्कार दिए, वैसे ही हम अपने बच्चों को संस्कार क्यों नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये कैसी मानसिक विकृतियां हैं जो आए दिन मासूम बच्चियों के साथ रेप हो रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में समाज विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. बृजेश चंद्रा ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनकी आर्थिक संपन्नता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम हमें महिला सशक्तिकरण का अर्थ समझना होगा। महिलाओं के लिए इस सोच को बदलना होगा कि पैसा कमाना उनका कार्यक्षेत्र नहीं है। अगर महिलाएं आर्थिक रूप से समर्थ होंगी तो उनका सशक्तिकरण स्वतः ही होगा।

सामाजिक स्तर पर भी बेहतर करने का प्रयास
राष्ट्र सेवा समिति की महानगर कार्यवाहिका मीना बंसल ने महिलाओं का आहवान किया के वे साहसी दृढ़ निश्चियी एवं आत्मविश्वासी बनें। क्योंकि नारी के सशक्त होने पर ही देश एवं समाज के उज्जवल भविष्य की कामना की जा सकती है। अध्यक्षीय संबोधन में लीडर्स आगरा के संरक्षक सुरेश चंद गर्ग ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी प्रयासों के अलावा सामाजिक स्तर पर भी बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है। सामाजिक प्रयासों से ही नारी सशक्तिकरण को गति मिलेगी और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जा सकेगा। इसी सोच के साथ सामाजिक स्तर पर लीडर्स आगरा ने इस प्रयास की शुरूआत की है। विद्युत विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता इं. आरके सिंह ने कहा कि हमें मन, वचन और कर्म तीनों ही तरीकों से काम करते हुए महिलाओं को आगे लाना होगा। लीडर्स आगरा के अध्यक्ष डॉ. पार्थ सारथी शर्मा ने कहा कि सशक्त महिला होगी तभी समृद्ध भारत होगा। यही वजह है कि लीडर्स आगरा महिलाओं के सशक्तिरण, सम्मान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रयास कर रही है। कार्यक्रम संयोजक वंदना सिंह ने अतिथियों को धन्यवाद दिया।

वीरांगना महिला सम्मान से नवाजा
लीडर्स आगरा के महामंत्री सुनील जैन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए संस्था काफी प्रयास कर रही है। उड़ान एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो महिलाओं को संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार दिलाने और सामाजिक रूप से स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। आज इस कार्यक्रम में भी ऐसी तमाम महिलाओं को वीरांगना महिला सम्मान से नवाजा गया है। इसमें देहात से शिक्षा हासिल कर आज जिम कार्बेट सीनियर सैकेंडरी स्कूल की डायरेक्टर रहते हुए लोगों को शिक्षा हासिल कराने में मदद कर रहीं मीना सिंह राघव, निशा खान जिन्हें हाल ही में उडान प्रोजेक्ट के तहत 20000 कुर्तियां सिलने का आॅर्डर मिला है। अंतर्राष्ट्रीय-राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के कपडे डिजाइन करने वालीं डिंपल और आगरा काॅलेज से शिक्षा हासिल करने के बाद महिलाओं को कैमिस्ट्री की शिक्षा हासिल कराने में मदद कर रहीं डॉ. ज्योति बुद्धिराजा का सम्मान किया गया।

ये रहे मौजूद
इस दौरान प्रीति सिंह, प्रिया श्रीवास्तव, अंजिल गुप्ता, नूतन शर्मा, राजू पचौरी, सतीश, वीरेंद्र सिंह मेडतवाल, संजय मिश्रा, राधा शर्मा, पार्षद सुषमा जैन, अदिति शर्मा, ओमप्रकाश मेड़तवाल, कैलाश मेडतवाल,दुर्गेश पांडे, राजू, राहुल जैन आदि मौजूद थे।

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