दलित राजधानी में भाजपा के लिए चुनौती होगा जनकल्याणकारी दिवस

दलित राजधानी में भाजपा के लिए चुनौती होगा जनकल्याणकारी दिवस

Abhishek Saxena | Publish: Jan, 14 2018 03:55:24 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

मायावती का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाएगी बसपा, सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा बना रही दलितों में पैठ

आगरा। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का जन्मदिन इस बार भाजपा के लिए चुनौती भरा होगा। मायावती के 62 वें जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं की भीड़ से लोकसभा मिशन 2019 का आगाज किया जाएगा। मायावती के जन्मदिन के मौके पर दलितों को एकजुट किया जाएगा, तो सवर्ण वर्ग को भी साधा जाएगा। मायावती के जन्मदिन के मौके पर बसपा पदाधिकारियों द्वारा गरीबों को कंबल वितरित करने का काम भी किया जाएगा।

जीआईसी के मैदान पर होगा कार्यक्रम
बसपा मुखिया मायावती का 62 वां जन्मदिन आगरा के जीआईसी मैदान में सोमवार को जाएगा। इस बार जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मायावती का जन्मदिन मनाया जा रहा है। जनकल्याणकारी दिवस के मौके पर आगरा की नौ विधानसभा से लगभग दस हजार से अधिक बसपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। रविवार को जीआईसी के मैदान पर जनकल्याणकारी समारोह की तैयारियां जारी थी। बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. भारतेंदु अरुण का कहना है कि बताया कि जनकल्याणकारी समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित होंगे। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा लोकसभा चुनाव 2019 में बीएसपी की जीत दर्ज कराने के लिए संकल्प इस समारोह से लिया जाएगा। इसके साथ ही समारोह में कंबल भी वितरित किए जाएंगे।

पूर्व मंत्रियों सहित पूर्व विधायक जुटेंगे
आगरा में होने वाले जनकल्याणकारी समारोह के उपलक्ष्य में फतेहपुरसीकरी की पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय, एमएलसी सहित पूर्व विधायक एकत्रित होंगे। इस बार मायावती के जन्मदिन का केक तो कटेगा लेकिन, ये सांकेतिक केक होगा। अव्यवस्था न हो इसलिए मंच से ही पदाधिकारियों द्वारा केक काटा जाएगा।

दलितों के बीच पैंठ बनाने में जुटी है भाजपा
विधानसभा चुनाव में जिस तरीके से मायावती को शिकस्त का सामना दलितों की राजधानी से करना पड़ा था। उसे भुलाकर लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटना है। आगरा में सुरक्षित सीट पर जीत हासिल करने वाली बहुजन समाज पार्टी को इस बार करारी पराजय झेलनी पड़ी है। आगरा ग्रामीण और आगरा छावनी सीट पर भारतीय जनता पार्टी की घुसपैठ बसपाईयों के लिए बड़ी चुनौती है। दलित बाहुल्य क्षेत्र में बसपा की पकड़ को मजबूत करना लोकसभा चुनाव के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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