Big News: मायावती ने किया गठबंधन के बाद पहला बड़ा फेरबदल, पार्टी में सभी को चौंकाया

जिलाध्यक्ष को हटाया, रवींद्र पारस को बनाया नया जिलाध्यक्ष

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Updated: 19 Jan 2019, 10:28 AM IST

आगरा। सपा बसपा गठबंधन के बाद मायावती ने सबसे बड़ा बदलाव दलितों की राजधानी में किया है। मायावती ने लोकसभा चुनाव से पहले बसपा जिलाध्यक्ष को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर रवींद्र पारस वाल्मीकि को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं बाह विधानसभा क्षेत्र के लिए डॉ.भारतेन्द्र अरुण को मंडल जोन इंचार्ज बनाया गया है। मायावती की पार्टी में हुए इस बदलाव को बड़ा कदम देखा जा रहा है।

कई तरह की चर्चाओं ने पकड़ा जोर
जिलाध्यक्ष को हटाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। बता दें कि नगर निगम चुनाव में हार के बाद प्रमोद रैना को हटाकर भारतेंद्र अरुण को जिलाध्यक्ष बनाया था। वहीं लोकसभा चुनाव के लिए बसपा ने आगरा सीट से हाथरस से चुनाव लड़ चुके मनोज सोनी और फतेहपुर सीकरी सीट से पूर्व सांसद सीमा उपाध्यक्ष को प्रभारी बनाया। ये दोनों प्रभारी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। आगरा सुरक्षित सीट को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रहीं थी। ऐसे में 15 जनवरी को जीआईसी मैदान में राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के जन्मदिन समारोह की तैयारियों के दौरान ही जिलाध्यक्ष को हटाए जाने की चर्चाएं तेज हो गईं थी।

नए जिलाध्यक्ष से वोट बैंक साधने की जुगत
बसपा के मुख्य जोन इंचार्ज संतोष आनंद द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देशानुसार डॉ. भारतेंद्र अरुण को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह रवींद्र पारस वाल्मीकि को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्ष के साथ साथ देवी सिंह जाटव, ग्याप्रसाद कुशवाह और धीरज बघेल को मंडल जोन इंचार्ज के पद पर नियुक्त किया गया है। राजनीति पंडितों का मानना है कि बहुजन समाज पार्टी ने रवींद्र पारस वाल्मीकि को जिलाध्यक्ष बनाकर वाल्मीकि वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की गई है। लोकसभा चुनाव से पहले हुए सपा बसपा पैक्ट से मायावती एससी वोटर के साथ साथ ओबीसी वोटर को भी अपने पाले में खींचने का प्रयास कर रही हैं।

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