महिला श्रमिकों के लिए उठी आवाज, इन बड़ी समस्याओं पर हुई चर्चा

Dhirendra yadav | Publish: Sep, 12 2019 06:18:27 PM (IST) | Updated: Sep, 12 2019 06:18:28 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

ईंट भट्टा और पत्थर खदान में कार्यरत महिला श्रमिकों के हक के लिए उठाई गई आवाज।

आगरा। उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन के बैनरतले गुरुवार को ईंट भट्टा, पत्थर खदान और अन्य निर्माण कार्य में सेवा दे रहीं महिला श्रमिकों के हक के लिए आवाज उठाई गई। इन महिला श्रमिकों की समस्याओं को लेकर प्रतापुरा स्थित होटल में हितधारक और नेटवर्किंग बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपश्रमायुक्त आगरा मंडल डीके सिंह मौजूद रहे।

ये था बैठक का उद्देश्य
इस बैठक में आगर और मथुरा के ईंट भट्टा, पत्थर खदान और अन्य निर्माण कार्य में सेवा दे रहीं महिला श्रमिकों की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि उपस्थित हुए डीएलसी डीके सिंह ने श्रमिक महिलाओं से चर्चा की। उनकी समस्याओं को जाना और इसके बाद बताया कि सभी महिला श्रमिकों के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। यदि वे शिक्षित नहीं होंगी, तो कोई भी उनसे अपनी मनमानी तरीके से कार्य करा सकता है। उन्होंने यूपीजीएमएस के अध्यक्ष तुलाराम शर्मा से कहा कि इन सभी महिलाओं को शिक्षित कराने की व्यवस्था कराएं। इसके साथ ही मुख्य अतिथि ने कहा कि ईंट भट्टा, पत्थर खदान और अन्य निर्माण कार्य में सेवाएं दे रही महिलाओं का प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण श्रम कार्यालय में कराया जाएगा। इसके लिए वे श्रम कार्यालय में कैंप लगवाएंगे। इस दौरान डीएलसी ने सभी महिलाओं को श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।

महिला अपने हक को समझें
कार्यक्रम में आईं वरिष्ठ अधिवक्ता अंजलि वर्मा ने कहा कि महिलाएं अपने हक को पहचानें। आज पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के लिए बहुत से कानून बन गए हैं, लेकिन श्रम क्षेत्र की महिलाओं को इन कानूनों का ज्ञान ही नहीं है और इसका सबसे बड़ा कारण है कि वे शिक्षित नहीं हैं। उन्होंने भी श्रमिक महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया।

ये बोले अध्यक्ष
इस दौरान उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन के अध्यक्ष तुलाराम शर्मा ने कहा कि संगठन ईंट भट्टा, पत्थर खदान, निर्माण आदि क्षेत्र में कार्य कर रहीं महिला श्रमिकों को कौशल विकास से जोड़कर उनको आत्म निर्भर बनाने के लिए महिला श्रमिक सहकारी समित का गठन करेगा, जिसका संचालान महिला श्रमिक प्रतिनिधि करेंगी। डॉ. अमित रावत ने कहा कि भारत ही ऐसी धरती है, जहां प्रत्येक क्षेत्र, प्रत्येक जनपद, प्रत्येग गांव का अपना एक अलग महत्व है। गांव गांव अथवा शहर के नाम के साथ साथ उसके उद्योग के नाम से भी पहचान की जाती है। कोई भी उद्योग बाद में बड़ा बनता है, उससे पहले छोटा होता है। इस मौके पर दीनबंधु शर्मा, चन्द्रभान, राजकुमार, रोहित कुमार, संजय शर्मा, पिंकी जैन, रजनीकांत लवानियां, राजकुमार उपाध्याय, चरन सिंह राजपूत, हेमलता गोला, साकिर खां मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन राहुल शर्मा ने किया।

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