ब्लू व्हेल गेम के चलते स्कूलों में लगेगी मोबाइल की पाबंदी

आगरा के स्कूलों में मोबाइल लेकर आने वाले छात्रों पर रहेगी नजर, बच्चों की बदलती आदतों पर रखें विशेष ध्यान

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Published: 11 Sep 2017, 02:08 PM IST

आगरा। ब्लू व्हेल गेम की जद में अब छोटे शहरों के बच्चे भी आ रहे हैं। हाल ही में बरेली में एक किशोर ने जब ब्लू व्हेल गेम को बीच में छोड़ा, तो सभी हैरान रह गए। आगरा में भी आॅनलाइन गेम के दीवाने हैं। इनमें अच्छी खासी तादात किशोर और बच्चों की है, जो घर से दिए गए मोबाइल से गेम खेलते हैं। इसलिए स्कूली बच्चों के लिए अब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा मोबाइल फोन पर पाबंदी की लगाई जा सकती है।

बच्चों का रखें ध्यान
ब्ले व्हेल गेम के चलते बच्चे आत्महत्या तक कर रहे हैं। इसके मद्देनजर भारत सरकार ने भी सख्त कदम उठाए हैं कि साइट्स से ब्लू व्हेल गेम के लिंक को हटाया जाए। लेकिन, आज भी ब्लू व्हेल गेम पर पूरी तरह से पाबंदी नहीं लग पा रही है। मोबाइल पर ब्लू व्हेल पर खेला जा रहा है। आगरा में मोबाइल पर आॅनलाइन गेम खेलने वालों की भरमार है। इन बच्चों पर नजर रखी जा रही है या फिर ये भी इस गेम की जद में आ रहे हैं। अभिभावकों को इसकी जानकारी करना जरूरी है। डीआईओएस आगरा द्वारा अब कोशिश की जा रही है कि ब्लू व्हेल गेम के चलते स्कूलों में मोबाइल लाने पर पाबंदी लगाई जाए। सूत्रों के मुताबिक अभी इस बात पर विचार किया जा रहा है कि मोबाइल को बड़े पैमाने पर रोकने मुनासिब होगा या नहीं। लेकिन, माना जा रहा है कि स्कूलों में मोबाइल फोन न लाने पर जल्द ही डीआईओएस कार्यालय से स्कूलों में फरमान जारी हो सकता है।

एक्सपर्ट की राय
एक्सपर्ट का कहना है कि बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत हर उम्र में होती है। फिर चाहे वो स्कूल जाने की उम्र हो या फिर कॉलेज की। किशोर उम्र में अक्सर नई चीजों को जानने के लिए बेताबी रहती है। ब्लू व्हेल गेम के खेलने वाले बच्चों के लिए दृढ़़ इच्छाशक्ति का होना जरूरी है। बच्चे दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते इस गेम से पार पा सकते हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों की हरकतों पर ध्यान रखना चाहिए। बच्चे की बदलती जीवनशैली देखकर तुरंत उससे बात करनी चाहिए। बच्चों की आदतें में बदलाव दिखे, तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

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