Acid attack की शिकार रेशमा कुरैशी का पीड़िताओं को संदेश, बोलीं अपनी शक्ल को छिपा कर अपराधियों को जीतने मत देना...

Acid attack की शिकार रेशमा कुरैशी का पीड़िताओं को संदेश, बोलीं अपनी शक्ल को छिपा कर अपराधियों को जीतने मत देना...
Reshma Qureshi

suchita mishra | Updated: 20 Jul 2019, 10:45:18 AM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

-17 वर्ष की उम्र में एसिड अटैक का शिकार हुई थीं रेशमा।
-2016 में न्यूयार्क फैशन वीक में ले चुकी हैं हिस्सा।
-उसकी जिन्दगी पर किताब भी लिखी जा चुकी है।

आगरा। व्यक्ति की खूबसूरती उसका चेहरा नहीं बल्कि दिल होता है। आम लोगों के लिए बेशक यह एक साधारण वाक्य है। लेकिन एसिड अटैक का शिकार लड़कियों के लिए रेशमा कुरैशी के इस एक वाक्य में जिन्दगी की सम्पूर्ण खुशियां सिमटी हुई हैं। 2014 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में एसिड एटैक का शिकार हुई रेशमा का हौसला आज उन आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए तमाचा है, जो एक लड़की की खूबसूरती सिर्फ उसके चेहरे में तलाश करते हैं। शुक्रवार को होटल आईटीसी मुगल में प्रभात खेतान फाउंडेशन व एहसास वुमैन ऑफ आगरा द्वारा राइट सर्किल विद रेशमा एंड तान्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भारत में हर साल एसिड अटैक के 300 मामले
कार्यक्रम में रेशमा ने उन सभी एसिड अटैक से पीड़ित लड़कियों को संदेश दिया कि अपनी शक्ल को छिपा कर अपराधियों को जीतने मत दो। उनके इस मंसूबे को पूरा मत होने दो कि हमने लड़की कि शक्ल बिगाड़ कर उसकी जिन्दगी खराब कर दी। क्योंकि असली खूबसूरती व्यक्ति का चेहरा नहीं, उसका दिल होता है। खुशी से जीओ और आम लड़कियों की तरह आगे बढ़ो। वहीं रेशमा कुरैशी पर बीईंग रेशमा नामक 200 पेज की किताब लिखने वाली व मेक लव नॉट स्केयर संस्था की सीईओ तान्या सिंह ने बताया कि बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2013 से प्रतिवर्ष भारत में लगभग 300 एसिड अटैक के मामले सामने आए हैं। कई मामलों में पीड़िता के मर जाने, कई में समाज के डर और कुछ में पुलिस द्वारा एफआईआर न लिखने के कारण सामने नहीं आ पाते।

 

Reshma Qureshi

मेरे हौसले ने हराया हमलावर जीजा को
रेशमा कहती हैं, मेरे ऊपर एसिड अटैक करने वाला कोई और नहीं बल्कि मेरे जीजाजी थे। मेरी बहन के साथ आए दिन मारपीट होती थी। तंग आकर वह अपने बेटे को लेकर मायके आ गईं। कोर्ट में केस चला। जीजाजी मेरे भतीजे को अपने संग ले गए। जिस दिन कोर्ट मेरी बहन को उसका बेटा सौंपने का फैसला सुनाने वाली थी, जीजाजी ने मेरे ऊपर एसिड अटैक कर दिया। मेरा भतीजा आज भी मेरे जीजाजी के पास है। लेकिन मेरी शक्ल खराब कर मेरी जिन्दगी बिगाड़ने की ख्वाहिश रखने वाले मेरे जीजाजी के मंसूबों को मैंने सफल नहीं होने दिया। शुरू में घर बाहर से निकलना भी मुश्किल होता था। कई बार आत्महत्या के बारे में भी सोचा। लेकिन परिवार के लोगों का सहयोग और मेक लव नॉट स्केयर संस्था की मदद से मैं आज आम लड़कियों की तरह अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ रही हूं।

 

Reshma Qureshi

व्यावसायिक क्षेत्र में नहीं मिलता सहयोग
तान्या सिंह कहती हैं, रेशमा को मॉडलिंग और फैशन से जुड़ी चीजों में रुचि है। यही वजह है कि 2016 में रेशमा ने न्यूयार्क फैशन वीक में हिस्सा लिया। इसके बाद कम्पनियों के ऑफर आए। लेकिन हर कोई रेशमा से मुफ्त में काम कराना चाहता है। अभी हमारे समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव की बहुत आवश्यकता है। जिसके लिए हम काम कर रहे हैं।

 

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम के बारे में एहसास वुमैन ऑफ आगरा संस्था की श्वेता बंसल व विनती कथूरिया ने जानकारी देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि थी मंडलायुक्त आगरा अनिल कुमार की धर्मपत्नी अर्चना कुमार। रेशमा कुरैशी ने आज आगरा शहर की महिलाओं की साथ अपने अनुभवों को साझा किया। इस मौके पर रेशमा पर किताब लिखने वाली तान्या सिंह भी मौजूद थीं।इस अवसर पर मुख्य रूप से मंडलायुक्त की धर्मपत्नी अर्चना कुमार, श्वेता बंसल, विनती कथूरिया, आटीसी मुगल के जीएम रजत शेट्टी, मनीष बंसल, अशु मित्तल, लवली कथूरिया, सुरुचि शर्मा, पूजा बंसल, अंसा वासन, राशि गर्ग, पुनीता कपूर, मोनिका गोयल, प्रिया अग्रवाल, दिव्या गोयल, पूजा ओबरॉय, रिम्पी जैन आदि मौजूद थे।

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