जिसकी खातिर पति का घर छोड़कर आई महिला, उस प्रेमी ने 22 टुकड़े कर उतारा मौत के घाट, पढ़िये दिल दहला देने वाली इस कहानी का पूरा सच

जिसकी खातिर पति का घर छोड़कर आई महिला, उस प्रेमी ने 22 टुकड़े कर उतारा मौत के घाट, पढ़िये दिल दहला देने वाली इस कहानी का पूरा सच

Dhirendra yadav | Publish: Apr, 02 2019 02:27:16 PM (IST) | Updated: Apr, 02 2019 02:27:17 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद की सजा, थाना न्यू आगरा का है मामला।

आगरा। मोहब्बत की नगरी आगरा में दिल दहला देने वाली घटना हुई। मामला वर्ष 2010 का है। यहां पहले पति के बाद प्रेम विवाह करने वाली महिला और उसकी पुत्री की प्रेमी ने हत्या कर दी। इतना ही नहीं मासूम पुत्र को भी गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद प्रेमी ने अपने साथी के साथ मिलकर मां बेटी के शवों के 22 टुकड़े कर जंगल में फेंक दिये थे।

वर्ष 2010 की है ये घटना
वर्ष 2010 में ताजनगरी के पॉश ऐरिया न्यू आगरा क्षेत्र में एक बड़ी वारदात हुई थी। मुकदमे के वादी अनु शर्मा के अनुसार मृतका शालिनी की शादी मनोज के साथ हुई थी, शादी के बाद शालिनी द्वारा बेटे को जन्म न दिये जाने पर मनोज ने उसे घर से निकाल दिया, इसके बाद शालिनी बल्केश्वर के गीता नगर निवासी मुकेश कुमार शर्मा के यहां कार्य करने लगी। यहां कार्य करते हुये मुकेश ने खुद को अविवाहित बताते हुये शालिनी को प्रेम जाल में फंसाया और उसके साथ आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली।

कर दी हत्या
शादी के कुछ समय बाद शालिनी ने पुत्र कृष्णा को जन्म दिया। शालिनी अपना हक मांगते हुए मकान अपने नाम करने की जिद करती थी। अनु शर्मा का आरोप है कि 15 अप्रैल 2010 को मुकेश अपने पुत्र सागर और ड्राइवर भैरों नाला बेलनगंज निवासी अशोक उपाध्याय के साथ अनु शर्मा के घर आया था। वह कृष्णा की आंख का इलाज कराने के बहाने से शालिनी और खुशबू को साथ ले गया। आरोपितों ने मकान की जिद पर अड़ी शालिनी उसकी बेटी खुशबू और कृष्णा की निर्मम हत्या कर लाश के 22 टुकड़े कर दिए।

जंगल में फेंके टुकड़े
साक्ष्य छुपाने के लिए टुकड़े पॉलीथिन में बंद कर सिकंदरा के जंगल में डाल दिए। पूछने पर आरोपित अनु व अन्य को इलाज बाद शालिनी, खुशबू और कृष्णा को घर लाने की बात कहता रहा। इसके बाद अनु शर्मा ने मुकेश शर्मा, उसके बेटे सागर और ड्राइवर अशोक उपाध्याय के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को हिरासत लिया और घटना में प्रयोग किया गया धारदार हथियार बरामद कर लिया।

ये सुनाई गई सजा
पुलिस ने आरोपित सागर की फाइल नाबालिग होने के कारण बाल न्यायालय में प्रेषित कर दी। ड्राइवर अशोक उपाध्याय की हाईकोर्ट से जमानत स्वीकृत हो गई। मुकेश जेल में बंद है। कोर्ट ने पूर्व डीजीसी अशोक गुप्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सिद्धांत शंकर कुलश्रेष्ठ के तर्क के आधार पर आरोपित मुकेश व अशोक को आजीवन कारावास और 1.14 लाख रुपये से दंडित किया है।

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