प्रदूषण के लिए उद्योग व होटल नहीं हैं दोषी, जानिए कैसे

चैम्बर सभागार में हुआ महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन।

By: धीरेंद्र यादव

Published: 07 Jun 2018, 11:42 AM IST

आगरा। चैम्बर सभागार में संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी एवं यूपी प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, आगरा के क्षेत्रीय अधिकारी अतुलेश यादव के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संयुक्त उपायुक्त उद्योग योगेश कुमार एवं यूपी प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, आगरा से सहायक वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. विश्वनाथ शर्मा भी उपस्थित थे। उद्योगों में सहमति प्राप्त करने में प्रदूषण विभाग से जो कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है, उसके संबध में पर्यावरण सुरक्षा एवं प्रदूषण प्रकोष्ठ के चेयरमैन अशोक कुमार गोयल द्वारा 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।

ये बोलीं संयुक्त आयुक्त उद्योग
संयुक्त आयुक्त उद्योग अंजू रानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योगों की समस्याओं से अवगत हैं और केवल उद्योग ही प्रदूषण के लिए दोषी नहीं है। इसी के आधार पर टीटीजेड में उद्योगों पर लगे एडहॉक मोरेटोरियम को हटाने का प्रयास शासन प्रशासन स्तर पर किया जा रहा है। एडहॉक मोरेटोरियम के कारण यूपी इन्वेस्टर समिट के बाद एक भी प्रोजेक्ट आगरा में नहीं लग सका है। इसलिए एडहॉक मोरेटोरियम हटाना आवश्यक है। इस मामले में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव के साथ आगरा में हुई बैठक में जोर देकर कहा गया था, किन्तु उसके बाद आंधियां अधिक आई हैं और उसके कारण पीएम स्तर में वृद्धि हो गई है।

होटल स्वामियों ने दिया ये सुझाव
होटल स्वामियों ने सुझाव दिया कि प्रदूषण को रोकने के लिए यमुना नदीं में डिसिल्टिंग की जाए, जिससे लगातार जल भराव से बालू के कण नहीं उड़ेंगे और पीएम स्तर कम हो जाएगा। नालों को टैपिंग किया जाए। यूपी प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, आगरा के क्षेत्रीय अधिकारी अतुलेश यादव ने प्रत्यावेदन में सभी बिन्दुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। समाधान योजना के लिए चैम्बर द्वारा सीधे हैड आॅफिस को ही लिखना होगा। पूर्व की सहमति शुल्क को सामनजस्य किया जाएगा तथा वर्तमान सहमति को पुराने बकाया के कारण नहीं रोका जाएगा। रोक के संबध में प्रदूषण विभाग पहले ही अपने मुख्यालय को पत्र लिख चुका है, जिसके परिणाम स्वरूप टीटीजेड में शीतगृह उद्योग को मामूली राहत मिली है।

संकट में होटल उद्योग
होटल स्वामियों ने बताया कि वर्तमान में होटल उद्योग में 25 प्रतिशत से अधिक ओक्यूपेन्सि नहीं है। अतः होटल उद्योग बड़े ही संकट से जूझ रहा है। एसटीपी लगाने की स्थिति में नहीं है। कुछ होटल तो दुकानों के ऊपर बने हैं, जिनमें एसटीपी लगाना फिजीबल नहीं है। छोटे होटल पूर्व से ही कठिनाई पूर्वक चलाए जा रह हैं। एसटीपी के लिए निवेश करने की स्थिति में नहीं है। चैम्बर ने यूपी प्रदूषण बोर्ड लखनऊ में चेयरमैन के साथ बैठक करवाने की मांग की।

ये रहे मौजूद
बैठक में उपस्थित चैम्बर अध्यक्ष राजीव तिवारी, उपाध्यक्ष मुरारी लाल गोयल, कोषाध्यक्ष सुनील सिंघल, पर्यावरण सुरक्षा एवं प्रदूषण प्रकोष्ठ के चेयरमैन अशोक कुमार गोयल, होटल एण्ड रेस्टोरेन्ट विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन राकेश चैहान, होटल एण्ड रेस्टोरेन्ट आॅनर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा, सुप्रीम कोर्ट कमेटी के माॅनिटिरिंग सदस्य रमन, पूर्व अध्यक्ष अमर मित्तल, मनीष अग्रवाल, अतुल गुप्ता, नरिन्दर सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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धीरेंद्र यादव
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