किसानों के लिए जारी हुये ये निर्देश, हुई ये भूल तो देना होगा 15 हजार का जुर्माना

पराली जलाये जाने का दोषी पाये जाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में अर्थदण्ड वसूल किया जायेगा।

आगरा। किसानों के लिए बड़ी खबर है। यदि कोई भी किसान पराली जलाते हुए पाया जाता है, तो उससे अर्थदंड वसूल किया जाएगा। उप कृषि निदेशक महेन्द्र सिंह ने बताया कि जनपद में बढ़ते वायु प्रदूषण एवं स्मॉग की समस्या के मद्देनजर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली, द्वारा दिये गये आदेश के तहत धान की पराली/फसल अवशिष्ट जलाया जाना दण्डनीय अपराध है।

ये भी पढ़ें - दोस्ती पड़ी महंगी, हुआ कुछ ऐसा कि छह दिन होटल में साफ करने पड़े बर्तन


ये है अर्थदंड की राशि
पराली जलाये जाने का दोषी पाये जाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में अर्थदण्ड वसूल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 02 एकड़ से कम भूमि वाले कृषक से 2500 रुपये, 02 एकड़ से अधिक एवं 05 एकड़ से कम भूमि वाले लघु कृषक से 05 हजार रुपये और 05 एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषक से 15 हजार रुपये अर्थदण्ड वसूल किया जायेगा। उप कृषि निदेशक ने अवगत कराया है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी तथा वायुमण्डल में स्मॉग की समस्या होने से लोगों में श्वॉस सम्बन्धी बीमारियां तेजी से बढ़ रही है।

ये भी पढ़ें - 700 प्रकार की रक्त व स्वास्थ्य से संबंधित जांच इस लैब में होंगी सरकारी रेटों पर, मेयर ने किया शुभारंभ


इस योजना का उठायें लाभ
उन्होंने बताया कि कृषक भाई फसल अवशेष के प्रबन्धन हेतु कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही “इन सी-टू मैनेजमेंट ऑफ कॉप रेजीड्यू योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों यथा- हैप्पीसीडर, जीरोटिल कम सीडड्रिल फर्टीड्रिल मशीन, मल्चर, पैडी स्ट्रॉ चोपर व रिवर्सीबल हाईड्रोलिक एमबी प्लाऊ का प्रयोग कर मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दे सकते हैं।

Show More
धीरेंद्र यादव
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned