डिक्शनरी को गीता-रामायण की तरह रोज पढ़े, स्वास्थ्य का ध्यान रखें, देखें वीडियो

-कई जिलों के मेधावी विद्यार्थियों को हुआ सम्मान तो खिले चेहरे
-डॉ. बीएस बघेल ने किया आठवां कार्यक्रम, सपनों को जिन्दा रखें
-किसी रोते हुए बच्चों को हँसाना भी समाजसेवी- पीएफ कमिश्नर

By: Bhanu Pratap

Published: 19 Jan 2020, 07:30 PM IST

आगरा। ‘मेरा भारत स्वस्थ’ भारत लोकमाता अहिल्याबाई की प्रेरणा से मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह आठवां आयोजन था। इस दौरान विद्यार्थियों को सीख दी गई कि वे जमकर पढ़ाई करें। सपनों को मरने न दें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ हुए बिना पढ़ाई नहीं की जा सकती है। डिक्शनरी को गीता-रामायण की तरह रोज पढ़े।


डॉ. बीएस बघेल कर रहे कार्यक्रम
मनीषा विहार, शास्त्रीपुरम में नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस बघेल हर साल आगरा, मथुरा, हाथरस, मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा आदि जिलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करते हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बुलाया जाता है, सम्मान के साथ-साथ उन्हें भोजन भी कराया जाता है।

रोते बच्चे को हँसाना भी सेवा- राजीव कुमार पाल
इस मौक पर कमिश्नर पीएफ राजीव कुमार पाल ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को सीख दी कि वे जो बनना चाहते हैं, बनकर दिखाएं। इसके लिए सतत प्रयत्न की जरूरत होती है। समाजसेवा किसी भी रूप में की जा सकती है। किसी रोते हुए बच्चे को हँसाना भी सेवा है। उन्होंने कहा कि हम ज्ञान के आधार पर सूचना बनाएं, न कि सूचना के आधार पर ज्ञान।

डिक्शनरी को रोज पढ़े- डॉ.शरद गुप्ता
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने कहा कि अखबार पढ़ना शुरू करें। संपादकीय पेज को रोज पढ़ेगे तो प्रतियोगी परीक्षा में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यहां जो डिक्शनरी दी गई है, उसे गीता-रामायण की तरह रोजाना पढ़े, आपका ज्ञान बढ़ेगा।
स्वास्थ्य का ध्या रखें- डॉ. बीएस बघेल

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स्वास्थ्य का ध्या रखें- डॉ. बीएस बघेल

डॉ. बीएस बघेल ने कहा कि सबसे पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें क्योंकि स्वस्थ व्यक्ति ही कुछ कर सकता है। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने बच्चों को सीख दी कि जिन बच्चों को पढ़ने के लिए सुविधा नहीं मिली है, उनका भी ध्यान रखें। आप सब भाग्यशाली हैं कि पढ़ने को मिल रहा है। ऐसे हजारों बच्चे हैं, जो पढ़ नहीं पाते हैं। उन्होंने शेर अली खान को सड़क से उठाकर स्कूल में दाखिला कराया। वह प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक ला रहा है।


लड़कियों का काम सिर्फ शादी करना नहीं- डॉ. सीमा सिंह
संचालन वेटरनरी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. एसपी सिंह ने किया। उन्होंने कहा किये बच्चे शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करें तो कुछ भी बन सकते हैं। डॉ. सीमा सिंह ने कहा कि बच्चे अपने सपनों को मरने न दें। लड़कियों का काम सिर्फ शादी करना, बच्चे पैदा करना और रोटी बेलना नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट आगे बढ़ाने से पहले जांच लें। ऐसे ऐप आ गए हैं, जो पढ़ाई में मदद करते हैं।

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शिक्षा कोई नहीं छीन सकता- केएन पाल
जीएसटी कमिश्नर केएन पाल ने कहा कि शिक्षा ही ऐसी चीज है, जिसे हमसे कोई नहीं छीन सकता है। जो माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाते नहीं हैं, वे शत्रु के समान हैं। रवि कॉलेज ग्रुप के निदेशक मुकेश चौहान ने कहा कि जिन बच्चों को पढ़ाई में आर्थिक समस्या है, उस दूर करेंगे। इस मौके पर डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. मनीष कुमार सिंह, प्राचार्य हलधर यादव, डॉ. मोनिका पाल, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. पारुल ने भी विचार व्यक्त किए।


इनका किया सम्मान
आगरा की सोनाली सिंह, वृतिका, निशा पिप्पल, हाथरस से अंकित, सोनू, साधना, मनु सारस्वत, दीक्षा, दिव्या सिंघल, स्वाति अग्रवाल, राखी सोलंकी, पवन कुमार, वीरेन्द्र बघेल, अभिषेक धनगड़ (फिरोजाबाद), जितेन्द्र, सोनिया सोलंकी को आदि विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

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