Ramadan 2018 : जानिए कब से शुरू होंगे रमजान, मुस्लिम आखिर क्यों करते हैं इस महीने का बेसब्री से इंतजार?

जानिए Ramadan 2018 शुरू होने की तिथि, इसका महत्व और क्यों रखे जाते हैं रोजे।

By: suchita mishra

Published: 16 May 2018, 03:24 PM IST

रमजान का पावन महीना शुरू होने को है। रमजान को अरबी भाषा में रमदान भी कहा जाता है। अरब देशों में अभी तक चांद नहीं दिखा है। यदि चांद 16 मई को दिखता है तो अरब देशों में 17 मई से रमजान शुरू होंगे और भारत में 18 मई से। इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक नौंवा महीना रमजान का माना जाता है। सब्र और संयम बरतने और बुरी आदतों से तौबा करने के लिहाज से ये पूरा महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में मुस्लिम लोग व्रत यानी रोजा करते हैं और नमाज अता करते हैं। ये व्रत काफी कठिन माना जाता है। इसमें मुस्लिम सूर्योदय से पहले सहरी खाते हैं, फिर दिन भर पानी का घूंट या थूक भी नहीं निगलते, सूर्यास्त के बाद रोजा इफ्तार करते हैं।

गुनाहों को माफ करने वाला महीना
माना जाता है कि 610 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद पर कुरान प्रकट होने के बाद मुसलमानों के लिए नौंवे महीने को पवित्र घोषित किया था, तभी से दुनियाभर में मुस्लिमों के बीच रमजान में रोजे रखने का चलन शुरू हुआ। रमजान का महीना गुनाहों को माफ करने वाला माना जाता है। इसका उद्देश्य होता है कि व्यक्ति अपनी बुरी आदतों को छोड़े, स्वयं पर नियंत्रण रखे और भलाई के रास्ते पर चले। इस माह में दिन के समय महिला और पुरूष के बीच शारीरिक संबंध बनाने पर रोक है। वहीं किसी की बुराई करना, झगड़ा, गाली गलौज अपशब्द आदि पर भी पाबंदी लगाई गई है। जरूरतमंदों की मदद और दान पुण्य आदि के लिए प्रेरित किया गया है।

कौन लोग नहीं रख सकते हैं रोजे
— शारीरिक रूप से अस्वस्थ लोग न रखें रोजे।
— महिलाएं मासिक धर्म के दौरान रोजे नहीं रख सकतीं। रमजान के दौरान इन दिनों में रोजे छोड़ दें और इसे आगे पूरा जरूर करें।
— गर्भवती महिलाएं या बुजुर्ग लोग रोजे न रखें।

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