प्रवीण तोगड़िया का संगठन नरेन्द्र मोदी को ‘हिन्दू राजा’ की उपाधि देने को तैयार

प्रवीण तोगड़िया का संगठन नरेन्द्र मोदी को ‘हिन्दू राजा’ की उपाधि देने को तैयार

Abhishek Saxena | Publish: Aug, 11 2018 07:33:05 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा- संसद से कानून बनाकर राम मंदिर बनाएं, अन्यथा लाखों हिन्दू अक्टूबर में अयोध्या कूच करेंगे

आगरा। विश्व हिन्दू परिषद से अलग होकर डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद का गठन किया। इसका उद्देश्य है हिन्दू समृद्धि, सुरक्षा और सम्मान। नारा है- हिन्दू ही आगे। उनके साथ सबसे पहले खड़े हुए मनोज कुमार। मनोज कुमार विश्व हिन्दू परिषद बृज प्रांत के संगठन मंत्री के रूप में काम देख रहे थे। जब उन्हें लगा कि हिन्दुओं की बात नहीं सुनी जा रही है तो प्रवीण तोगड़िया के साथ चले गए। इस समय वे राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका मुख्यालय आगरा में ही है। उन्होंने पत्रिका कार्यालय में राम मंदिर, राष्ट्रीय बजरंग दल का मुख्य उद्देश्य, महिला सुरक्षा, रोजगार जैसे तमाम विषयों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संसद में कानून बनाकर अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाता है तो हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘हिन्दू राजा’ की उपाधि देंगे। यह भी कहा कि हिन्दुओं ने राम मंदिर के लिए 76 बार युद्ध किया है। हम 77वां युद्ध लड़ेंगे। इसके लिए अक्टूबर में लाखों हिन्दू लखनऊ से अयोध्या के लिए कूच करेंगे। यहां प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश -

पत्रिकाः अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद की स्थापना क्या डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के अहम के कारण नहीं हुई?

मनोज कुमारः विश्व हिन्दू परिषद का चिन्तन आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार के चिन्तन के साथ गोलवलकर गुरुजी ने शुरू किया। हमारे बंधु जब गुलाम के रूप में विदेश गए तो वहां के मूल नागरिक हो गए। वहां के लोगों का चिन्तन प्रारंभ हुआ कि हम मूल रूप से तो भारत के हैं। भारत से गंगा और ग्रंथ लेकर गए थे। भारत संस्कारों की जननी है। भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है। वहां से प्रारंभ होता है विश्व हिन्दू परिषद का उदय। सत्ता प्राप्ति के बाद यह चिन्तन समाप्त हो जाता है। सत्ता के आते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोलवलकर जी के सपनों को चकनाचूर कर दिया। राम मंदिर हमारा है। भारत में बाबरी नाम की मस्जिद कहीं नहीं और अयोध्या में नई मस्जिद नहीं, यह संकल्प विश्व हिन्दू परिषद दोहराता रहा था। नरेन्द्र मोदी के पीएम बनते ही संकल्प टूट जाता है। गौरक्षक गुंडे बन जाते हैं। बहन बेटियों का अपमान होता है। बलात्कर होता है और बात करते हैं कि हम उन्हें फांसी देंगे, लेकिन आज उन्हें बिरयानी खिलाई जाती है। मैं पूछता हूं कि गोली क्यों नहीं मारी जाती है। एक सिर काटने पर दस सिर काटने की बात होती है, लेकिन आज देश का अपमान हो रहा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि मंदिर का निर्माण संसद में कानून बनाकर करेंगे। यह भी जुमला है। 24 लाख नौकरियां भारत सरकार हिन्दुओं को दे सकती है, लेकिन नहीं दे रही है। आरएसएस की शाखा के गटनायक के परिवार में रोटी की आवश्यकता नहीं है क्या? आज परिस्थिति बदल गई है। हिन्दुत्व तब समझ में आएगा जब पेट में रोटी होगी। 1.10 करोड़ बांग्लादेशियों को भारत का वाशिंदा बना दिया गया है। भारत सरकार केवल 40 लाख की बात कर रही है। जिस आधार कार्ड का भाजपा विरोध करती थी और उसे बनाकर आज 1.10 करोड़ बांग्लादेशियों को भारतीय बना दिया। हिन्दुत्व के आधार पर सत्ता में आए थे और हिन्दुत्व को छोड़ दिया। हिन्दू समाज आपको छोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद बना है। ये डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया का अभिमान नहीं है। संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत कहते हैं कि हमने तोगड़िया के रूप में वीर योद्धा को खो दिया है। आज संघ नहीं बोलता है। मोदी बोलते हैं। आज मोदी संघ से बड़े हो गए हैं। आज भाजपा की सरकार नहीं है, मोदी की सरकार है। आज ध्येय और चिन्तन से बड़ा व्यक्ति हो गया है। भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ता राममंदिर चाहते हैं। स्वाभिमान चाहते हैं। अन्य दलों के लोग टेंडर लेकर जाते हैं। स्वाभिमान समाप्त हो रहा है। हम केवल दूसरों के बर्तनों को लाकर घर सजना चाहते हैं और वे बर्तन खराब हैं। हिन्दुत्व की धार पर खड़ा होना पड़ेगा। विकास हर सरकार करती है। हमने तो भारत के मान बिन्दुओं की रक्षा के लिए भाजपा खड़ी की थी, जो आज दिखाई नहीं दे रही है।

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पत्रिकाः डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने नया हिन्दू संगठन बनाकर हिन्दुओं को भ्रमित नहीं कर दिया है क्या?

मनोज कुमारः अक्टूबर, 2018 तक स्थिति साफ हो जाएगी। लाखों हिन्दू राम मंदिर बनाने के लिए लखनऊ से अयोध्या कूच करेंगे। उससे पहले अगर भारतीय जनता पार्टी और मोदी संसद में राम मंदिर के लिए कानून लाते हैं तो हम उनका अभिनंदन करेंगे। हिन्दू राजा की उपाधि देंगे। अशोक सिंघल ने पृथ्वीराज चौहान के बाद मोदी के रूप में हिन्दू की बात कही थी। उन्होंने मोदी को खड़ा किया था। अयोध्या में मंदिर नहीं तो वोट क्यों देना चाहिए? यह चिन्तन प्रारंभ हो गया है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एकमेव संगठन रहेगा, जो हिन्दुओं की रक्षा करेगा।

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पत्रिकाः हिन्दुओं का भला किसके साथ है, विश्व हिन्दू परिषद या अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के साथ?

मनोज कुमारः हिन्दुओं का भला राम मंदिर के साथ है। धारा 35ए राक्षस की तरह है। अगर इस्लाम को खत्म करना है तो धारा 35 ए खत्म कर दो। जम्मू कश्मीर में मुसलमानों की जान धारा 35 ए में है। कश्मीरी पंडितों को बचाइए। हिन्दुओं का स्वाभिमान बचाइए। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि हमने हिन्दुओं का ठेका नहीं लिया नहीं लिया है, लेकिन हिन्दुओं का ठेका तोगड़िया ने लिया है। हिन्दू समाज अक्टूबर के बाद अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के साथ है। हर प्रांत की इकाइयों में 1000 तक दायित्ववान कार्यकर्ता रहते हैं। 20 राज्यों में भाजपा की सरकार है, फिर भी कार्यकर्ता हमसे जुड़ रहा है। इससे पता लगा सकते हैं कि हिन्दू किसके साथ हैं।

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पत्रिकाः अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद क्या संघ परिवार का अंग है?

मनोज कुमारः संघ सभी को साथ लेकर विचार की बात करता है। हम स्वयंसेवक हैं। हमसे उस अधिकार को तो कोई छीन नहीं सकता है। संघ हमारा मातृ संगठन है। डॉ. हेडगेवार ने कांग्रेस को छोड़ा था, क्योंकि वंदेमातरम का अपमान हो रहा था। नई भाजपा में क्या वास्तव में रामजी का गला नहीं घोटा जा रहा है। हमको आज कुछ फेसबुक के कीड़े जयचंद कह रहे हैं। वास्तविकता यह है कि जो काम डॉ. हेडगेवार ने किया है, वही काम डॉ. प्रवीण तोगड़िया कर रहे हैं।

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पत्रिकाः राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते युवाओं से क्या काम कराना चाहते हैं?

मनोज कुमारः जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। हमने देशभर के युवाओं से कहा है कि हम आपके रोजगार की चिन्ता करेंगे। बजरंग दल अलग बात करता है। हम युवाओं के विकास की चिन्ता करके नई दिशा में ले जाएंगे। देश के धर्मयोद्धा और विधाता 100 करोड़ हिन्दुओं के युवा हैं। उन्हें नौकरी मिले। हमने अनेक उद्यमियों से संपर्क किया है। हाथ का हुनर देने की बात कहेंगे। तमाम व्यवसायों में प्रशिक्षित करके रोजगार देंगे। हिन्दू व्यवसायियों से नौकरी देने का मांग करेंगे। सम्राट अशोक, दुष्यतं, भगवान कृष्ण, भगवान राम ने यही किया था, उसी काम को राष्ट्रीय बजरंग दल करेगा।

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पत्रिकाः अयोध्या में राम मंदिर तो नहीं बन रहा है और आप सिर्फ राम मंदिर की बात करते हैं, नहीं बना तो क्या करेंगे, सेना-पुलिस से कैसे लड़ पाएंगे?

मनोज कुमारः राम भारत की आत्मा है। अगर राम का चिन्तन भारत से खत्म तो भारत खत्म होगा। क्या हम इस्लाम का राज्य स्थापित करेंगे। राम मंदिर के लिए आत्महत्या क्यों नहीं करनी पड़े, करेंगे। राम मंदिर के लिए हिन्दुओं ने 76 युद्ध सरकार के बिना लड़े है। हम 77वां युद्ध लड़कर राम मंदिर का निर्माण करेंगे।

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पत्रिकाः राम मंदिर बन भी गया तो उससे क्या लोगों को रोजी-रोटी मिल जाएगी, क्या युवाओं को नौकरी मिल जाएगी, क्या महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी?

मनोज कुमारः देश में महिलाओं की सुरक्षा तो इस समय भी नहीं है। रोजगार तो इस समय भी नहीं है। आतंकवाद मिटाना है तो आतंकवादी को जिन्दा जला दो। उसका शरीर पंचतत्व में विलीन हो जाएगा। फिर 76 हूरों की कल्पना नहीं होगी, गाजी की उपाधि नहीं मिलेगी। फिर कोई आतंकवाद की ओर नहीं जाएगा। बलात्कारी का आँख निकालकर कुत्ते को खिला दो, कोई हिम्मत नहीं कर पाएगा बलात्कार करने की, फिर हिन्दू हो या मुसलमान। मुस्लिम जेहाद करने की बात करते हैं। गौरी, गजनी, तैमूर लंग ने ये काम नहीं किया है क्या? राम मंदिर भरत की आत्मा है। भारत की आत्मा जीवित रहेगी तो रोजगार मिलेगा और संस्कृति रहेगी। नहीं तो हमें मुस्लिम बना दिया जाएगा। राम मंदिर बनाकर हिन्दुओं की राज सत्ता कायम करेंगे। हिन्दुओं का वर्चस्व समाप्त नहीं होने देंगे।

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पत्रिकाः भारत गंगा-जमुनी तहजीब का देश है। आप सिर्फ मुस्लिम विऱोधी बात करते हैं, क्या इससे देश टूटेगा नहीं?

मनोज कुमारः गंगा यमुना के बीच के मैदान में रहने वाले लोगों ने ही 1200 वर्षों तक संघर्ष किया है। गंगा जमुनी संस्कृति राम की संस्कृति है। राम और कृष्ण भी गंगा यमुना के बीच में पैदा होते हैं। यह तहजीब दो धर्मों की नहीं है। यह हिन्दुओं की है। धर्म तो केवल सनातन है। मंदिर बन जाएगा तो भारत में रहने वाला मुसलमान भी हिन्दू बन जाएगा।

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पत्रिकाः आप बार-बार मुस्लिमों की बात करके हिन्दुओं का डराकर अपना काम नहीं निकालना चाहते हैं क्या?

मनोज कुमारः हिन्दू गीता पढ़कर आतंकवादी नहीं बनता है। मुसलमान कुरान पढ़कर आतंकवादी बना है। लश्कर ए तैयबा इसका उदाहरण है। देवबंद इसका उदाहरण है। हिन्दू किसी को डराता तो गीता पढ़कर आतंकवादी बनता। हमने चींटी को चुग्गा दिया है। वृक्षों की पानी दिया है। मुस्लिम तो कत्लेआम में विश्वास करता है। हम चाहते हैं कि सब मिलजुलकर रहें, लेकिन राम मंदिर का विरोध करने वाला नहीं रह पाएगा।

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