नमी और धूल मिट्टी के कारण अस्थमा अटैक का खतरा, इस तरह लें इन्हेलर

डॉ. निष्ठा सिंह का कहना है कि किसी भी चीज को भरने के लिए उसका खाली होना जरूरी होता है। यही नियम इन्हेलर लेते समय भी लागू होता है।

By: अमित शर्मा

Published: 21 Feb 2020, 05:39 PM IST

मॉनसून का महीना चल रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ अस्थमा के मरीजों को विशेष देखभाल की सलाह देते हैं क्योंकि अचानक मौसम में बदलाव, नमी और धूल मिट्टी के कारण अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञ उन्हें साथ में दवा और इन्हेलर रखने की सलाह देते हैं। इन्हेलर के जरिए अटैक आने पर मरीज दवा लेता है जिससे उसकी सिकुड़ी हुई सांस नलियां वापस अपने स्वरूप में आ जाती हैं और मरीज आराम महसूस करता है। लेकिन इन्हेलर का लाभ लेने के लिए उसे लेने का तरीका सीखना बहुत जरूरी है। चेस्ट कंसल्टेंट व अस्थमा भवन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. निष्ठा सिंह बता रही हैं इसके बारे में।

डॉ. निष्ठा सिंह का कहना है कि किसी भी चीज को भरने के लिए उसका खाली होना जरूरी होता है। यही नियम इन्हेलर लेते समय भी लागू होता है। इन्हेलर पांच स्टेप में लेना चाहिए।

1. सबसे पहले सांस को छोड़कर फेफड़ों को पूरा खाली करें।2. अब इन्हेलर मुंह पर लगाकर सांस को खींचें।3. दस सेकंड तक सांस को रोककर रखें।4. इसके बाद नाक से सांस को छोड़ दें।5. आखिर में कुल्ला जरूर करें। वर्ना दवा की गर्मी से मुंह में छाले व ड्राइनेस की समस्या हो सकती है।

मॉनसून में ये सावधानियां भी जरूरी1. घर से बाहर निकलते समय छाता और रेनकोट पास रखें। ताकि भीगने से बच सकें।2. घर आकर फौरन कपड़े बदलें।3. सिर भीगने से काफी समस्या हो सकती है इसलिए सिर को भीगने से बचाएं। अगर भीग गया है तो घर आकर सिर पर तौलिया बांधें।4. घर की सीलन ठीक करवाएं। इससे काफी परेशानी हो सकती है।

अमित शर्मा
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