आगरा में कई आगरा, अपना दर्द सुना रहा है फतेहाबाद रोड का आगरा, देखें वीडियो

-पर्यटन आगरा की रीढ़ है, पर्यटक अतिथि हैं और अतिथि देवोभवः

-अतिथियों को सत्कार करो, अगर ये रूठे तो लक्ष्मी जी भी रूठ जाएंगी

-योगी आदित्यनाथ रोकने की कह गए, फिर भी हॉकर मनमानी कर रहे

आगरा। मकर संक्रांति पर भगवान सूर्यदेव दक्षिणायन से उत्तरायण हो गए हैं। सूर्यदेव मतभेद भूलकर अपने पुत्र शनि के घर में आ गए हैं। मतलब अब शुभ ही शुभ है। मेरे आगरा में कब शुभ होगा? मेरा आगरा जैसा कल था, वैसा ही आज है। जैसा परसों था, वैसे ही कल था। जैसा नरसों था, वैसे ही परसों था। ऐसे ही करके बरसों हो गए हैं। आखिर मेरे आगरा की सूरत कब चमाचम होगी? मेरे आगरा के माथे पर लगा गंदगी का कलंक कब मिटेगा? प्रदूषित शहरों की सूची से मेरा आगरा कब बाहर आएगा?

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आगरा में कई आगरा हैं। एक आगरा माल रोड के आसपास है। रात्रि में माल रोड पर आकर लगता है कि विदेश में आ गए हैं। प्रतापपुरा से लेकर फूल सैयद तक सड़क जगमग रहती है। फूल सैयद से आगे सड़क के दोनों ओर सुंदर चित्रकारी की गई है। मन को प्रसन्नता होती है। एक आगरा फतेहाबाद रोड पर है। यहां ऊंची अट्टालिकाएं हैं। गैरसितारा से लेकर पंचतारा होटल, रेस्टोरेंट, रूफटॉप रेस्टोरेंट, कैफे हाउस हैं। यहां देश-विदेश के पर्यटक प्रवास करते हैं। रात्रि में शानदार दृश्य नजर आता है।

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Tourist

मेरे आगरा में मुश्किल यह है कि माल रोड और फतेहाबाद रोड पर कब लूट हो जाए, कुछ पता नहीं है। बावजूद इसके कि यहां पर्यटन पुलिस की सक्रियता है। गाड़ियां घूमती रहती हैं। पर वो बात है कि पुलिस डाल-डाल है तो चोर लुटेरे पात-पात हैं। फतेहाबाद रोड पर जाम का झाम तो रहता ही है। ताजव्यू तिराहा और मुगल होटल के सामने खूब जाम लगता है। शादियों का मौसम हो तो कहने ही क्या? कहने को तो फतेहाबाद रोड पर बारात निकालने पर रोक है, लेकिन यहां मानता कौन है। कुछ बाराती जब तक टल्ली होकर नागिन डांस न कर लें, उन्हें चैन कहां आता है। जाम लगता है तो लगता रहे। पुलिस ने रस्सी डालकर और बैरियर लगाकर मार्ग विभाजक के कुछ रास्ते बंद कर दिए हैं। फिर भी दुपहिया वाहन चालक यहां से निकलते रहते हैं। मतलब मेरे आगरा के निवासी पूरी तरह सुधरना नहीं चाहते हैं।

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Traffic jam

फूल सैयद चौराहा से ताजगंज की ओर मुड़ जाएं तो सामने पुरानी मंडी है। पुरानी मंडी ताजगंज का प्रवेश द्वार है। यहां अवैध पार्किंग है। सड़क पर कारें खड़ी करा दी जाती हैं। फिर घूमते तांगा अड्डा होते हुए ताजमहल के पश्चिमी गेट, दखनाई गेट और पूर्वी गेट पर आ सकते हैं। एक समय था जब यह इलाका दुरावस्था के लिए प्रसिद्ध था। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में ताजगंज प्रोजेक्ट शुरू किया। ऊपरी गंदगी नहीं है, लेकिन बारिश में यहां के लोग खुद को कोसते रहते हैं। बारिश का पानी यहीं जमा हो जाता है। मतलब जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है।

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Tajmahal

ताजमहल के पूर्वी गेट से होते हुए शिल्पग्राम की ओर चले जाइए। एक बार फिर अहसास होगा कि बहुत सुंदर शहर में आ गए हैं। शिल्पग्राम में पार्किंग है। यहां जो कुछ होता है, वह सबको पता है। पर्यटकों को ठगने का अड्डा है शिल्पग्राम पार्किंग। यहां पर हॉकर और अवैध गाइड रहते हैं। उनका काम पर्यटकों को फांसकर किसी न किसी एम्पोरियम पर ले जाकर कटवाना होता है। इसके बदले उन्हें अच्छी खासी छब्बी (कमीशन) मिलती है।

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Hawker

हॉकर की बात आई तो आज भी ताजमहल के तीनों द्वारों पर इनका आतंक जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो साल पहले इन पर लगाम लगाने के लिए कह गए थे। तब पुलिस ने सक्रियता दिखाई, लेकिन फिर से वही ढर्रा चल रहा है। अनुभव यह है कि पुलिस चाहे कितनी बार हॉकर्स को जेल भेज दे, लेकिन वे करेंगे हॉकरी ही। पुलिस की इसमें क्या भूमिका है, यह तो स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कह सकते हैं, लेकिन चर्चा यही है कि पुलिस का वरदस्त रहता है। पुलिस की छापामारी में पकड़े वही जाते हैं, जिनकी सेटिंग खराब हो जाती है।

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tajmahal

मेरा आगरा आखिर कब तक छब्बीबाजी के चक्कर में बदनाम होता रहेगा? वीआईपी क्षेत्र में भी मेरा आगरा कब तक जाम से जूझता रहेगा? निजी स्वार्थ के लिए मेरे आगरा को बदनाम न करो। ध्यान में रखिए पर्यटन आगरा की रीढ़ है। पर्यटक अतिथि हैं और अतिथि देवोभवः। देवतारूपी अतिथियों को सत्कार करो। अगर ये रूठ गए तो मेरे आगरा से लक्ष्मी जी भी रूठ जाएंगी। इन्हीं अतिथियों के बल पर रिक्शा वाला, खोखा वाला से लेकर होटल वाला रोजगार पा रहा है। फतेहाबाद रोड के आसपास का आगरा इन्हीं देश-विदेश के अतिथियों के लिए है। हम आगरा वाले तो यदाकदा ही जाते हैं। आशा है हम सब मिलकर आगरा को आदर्श आगरा बनाएंगे।

डॉ. भानु प्रताप सिंह

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Bhanu Pratap Desk/Reporting
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