यहां पधारे थे गुरु नानक देव जी, बच्चे का अपने आध्यात्मिक ज्ञान से किया था उपचार, जानिये क्या है मान्यता

पीलू के पेड़ के नीचे बैठ कर दीन दुःखियों के कष्ट दूर किये थे।

आगरा। शहर को इस बात का सौभाग्य हासिल है कि यहां सिख धर्म के प्रवर्तक प्रथण गुरु गुरु नानकदेव पधारे। वे नया बांस, लोहामंडी में रहे। यहां पीलू के पेड़ के नीचे दुखियों के दुख दूर किए। अब इस स्थान पर गुरुद्वारा श्रीदुख निवारण साहेब हैं।

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यहां रुके थे तीन दिन
लोहामंडी में स्थित गुरुद्वारा श्री दुख निवारन साहिब वह पवित्र स्थान है, जहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक साहिब तीन दिन तक रुके थे। गुरु ने जिस पीलू के पेड़ के नीचे बैठकर यहां चिंतन मनन किया था। उसके स्थान पर अब निशान साहिब लगा हुआ है। गुरु ने यहां एक महिला के बच्चे का अपने आध्यात्मिक ज्ञान से उपचार किया था, तब से उनके नाम के साथ दुख निवारक जुड़ गया। यहां बने गुरु के पद चिन्हेां के प्रति खास आस्था है।

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यहां लगता है मेला
नयाबांस लोहामंडी, आगरा में श्री गुरु नानक देव आए थे। उन्होंने पीलू के पेड़ के नीचे बैठ कर दीन दुःखियों के कष्ट दूर किये थे। उनकी याद में होली वाले दिन मेला लगता है। गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक हैं। वे सिख धर्म के पहले गुरु हैं। उनका जन्मदिवस कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है। गुरु नानक ने संदेश दिया था कि सभी स्त्री और पुरुष बराबर हैं। ईश्वर एक है। एक ही ईश्वर की उपासना करो। सदा प्रसन्न रहो। किसी का बुरा मत करो। मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से जरूरतमंदों को कुछ दें। सर्वशक्तिमान ईश्वर की उपासना करने वालों को किसी का भय नहीं होता है।

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धीरेंद्र यादव
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