आगरा। आंधी, तूफान, बारिश और ओलों का प्रभाव ताजमहल पर पड़ा है। शाहजहां और मुमताज महल की मोहब्ब्त के प्रतीक ताजमहल को आंधी-तूफान से भारी नुकसान पहुंचा है। शाही दरवाजे का स्तंभ गिर गया। दक्षिणी गेट पर लगा स्तंभ गिर गया। कंगूरे कांच की मानिंद बिखर गए। नाम का पेड़ गिर गया। आगरा में बुधवार को 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से तूफान आया था। साथ में बारिश और ओले। दिन ब दिन कमजोर हो रहा ताजमहल तूफान को झेल नहीं पाया। ताजमहल में तैनात कर्मचारी अपनी जान बचाने में लगे थे कि रॉयल गेट पर लगा गुलदस्ता पिलर गिर गया। कुछ देर बाद ही ताजमहल दक्षिणी गेट का गुलदस्ता पिलर भी ध्वस्त हो गया। दिव्यांगों के लिए बनाई गई रैम्प भी टूट गई। सरहिंदी बेगम के मकबर में गुलदस्ता पिलर गिरा है। ताजमहल से सटे रेवती के बाड़े में पेड़ गिर गया। एक एम्पोरियम पर भी पेड़ गिरा। नीम का यह पेड़ बहुत पुराना था। ताजमहल परिसर में भी पत्थर टूट गए हैं। जब भी आंधी बारिश आती है तो पच्चीकारी पत्थर बाहर निकल आते हैं। मुख्य गुम्बद पर ये बिखर जाते हैं।

 

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