ग्वालियर में शुरू हुई संगीत की महफिल से उठी तान सुहागनगरी में गूंज रही

संगीत की महफिल में गूंजे सुर, लय और ताल के तराने, ग्वालियर घराने के संगीतज्ञ प्रोफेसर माधव विनायक गुणे की मनाई गई पुण्यतिथि।

By: arun rawat

Published: 16 Jan 2021, 06:20 PM IST

फिरोजाबाद। ग्वालियर घराने के संगीतज्ञ प्रोफेसर माधव विनायक गुणे की पुण्यतिथि पर सुर, लय और ताल की महफिल सजी। ग्वालियर में शुरू हुई संगीत की महफिल की तान सुहागनगरी में गूंजने लगी हैं। युवाओं ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

संगीत के बिना नहीं है जीवन में उमंग

टूंडला नगर के स्टेशन रोड स्थित वीणा वादिनी संगीत महाविद्यालय पर हुए कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डायरेक्टर योगेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि संगीत के बिना जीवन में कोई उमंग नहीं है। संगीत मानसिक थकान दूर करने के साथ ही मन को प्रसन्नता देने का काम करता है। संगीत की महिमा पुराने समय से चली आ रही है। अप्सराएं संगीत के माध्यम से देवताओं का मनोरंजन करती थीं। प्रधानाचार्या अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि ग्वालियर घराने के संगीतज्ञ प्रोफेसर माधव विनायक गुणे ने संगीत को आगे बढ़ाने के लिए वीणा वादिनी की नींव रखी। उनके बताए मार्ग पर चलकर आज युवाओं को संगीत के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने अपनी आवाज का जादू बिखेरकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

रागों के अभ्यास से खुलता है गला

वीणा वादिनी संगीत महाविद्यालय के निदेशक योगेश श्रीवास्तव ने कहा कि,‘‘ महाविद्यालय में प्रतिवर्ष इस संगीत संस्था के संस्थापक स्व. प्रो. माधव विनायक गुणे की पुण्यतिथि को भव्य कार्यक्रम के आयोजन के माध्यम से गुरुजी को सांगीतिक श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। महाविद्यालय की स्थापना सन् 1957 में गुरुजी के करकमलों द्वारा ही की गई थी। महाविद्यालय में गायन-वादन के सभी कोर्सेज शास्त्रीय पद्धति से सिखाए जाते हैं। रागों के अभ्यास से गला खुलता है और फिर छात्र किसी भी प्रकार के गानों को गा सकता ह । इस संस्था के छात्र देश विदेश के मंचों पर अपनी ख्याति को फैला रहे हैं।

उपहार पाकर खिले चेहरे

मुख्य अतिथि ठा. बीरी सिंह डिग्री कालेज की प्राचार्या डा. रंजना कुलश्रेष्ठ, विशिष्ट अतिथि आरएसएस के विभाग कार्यवाह जयप्रकाश श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र व उपहार देकर पुरस्कृत किया। अध्यक्षता डा. चेतन बिहरी सक्सेना और संचालन रवि सक्सेना ने किया। इस मौके पर बालकिशन शर्मा, सुशील पचैरी, दीपांशु कुलश्रेष्ठ, नीरू श्रीवास्तव, अमन शर्मा, नंदिनी, रेनी, सुरभि सक्सेना, रवि सक्सेना, मंजीत सिंह, सुबोध सिसौदिया, खुशी, प्रेम, रश्मि, गुरुदत्त, शैलेन्द्र, अंकित, राखी, मुस्कान शर्मा, उमंग, यशिका पचैरी, तेजस्वी, ओजस्वी, अक्रिम, पलक, खुशबू, स्नेहा चैहान, रोशनी, सरोज शर्मा, श्रवण कुमार, राजू भटनागर, नेहा रावत आदि मौजूद रहे।

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