Janmashtami पर कान्हा के जन्म को लेकर उल्लास लेकिन Yamuna उदास, कारण हैरान करने वाला, देखें वीडियो

Janmashtami पर कान्हा के जन्म को लेकर उल्लास लेकिन Yamuna उदास, कारण हैरान करने वाला, देखें वीडियो
Janmashtami

Dhirendra yadav | Updated: 14 Aug 2019, 03:02:29 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

यमुना किनारे एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पर जो कुछ दिखाई दिया, वह हृदय विदारक है।

आगरा। भाद्रपद की अष्टमी को अजन्मे का जन्म हुआ। मथुरा के राजा कंस के हाथों वध होना तय था। प्रभु की लीला ऐसी हुई कि कारागार के द्वारपाल सो गए। ताले टूट गए। वासुदेव, कान्हा को लेकर यमुना पार करते हुए गोकुल जा पहुंचे। वर्णन है कि तब यमुना का प्रवाह भीषण था। 24 अगस्त, 2019 को फिर जन्माष्टमी (Janmashtami) है। कान्हा के जन्म को लेकर उल्लास है, लेकिन यमुना उदास है। वही यमुना (Yamuna) जो सदानीरा, पतितपावनी और न जाने किन किन नामों से पुकारी जाती है। यमुना किनारे एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पर जो कुछ दिखाई दिया, वह हृदय विदारक है। हैरान करने वाला है। अधिकारियों की असंवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण है।

वेदनादायक दृश्य
यमुना किनारे पर जहां से आंबेडकर पुल शुरू होता है, वहीं पर एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट है। यहां की हालत खराब है। बाहर का व्यक्ति तो अंदर जाना पसंद भी नहीं करेगा। हम तो आगरा वाले हैं, सो कहीं भी चले जाते हैं। अंदर पहुंचे तो हृदय को वेदना हुई। यमुना में चारों ओर जमीन ही जमीन दिखाई दे रही है। थोड़ा सा पानी है तो काले रंग का। उसमें भी भैंसे स्नान कर रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश है कि नदी में किसी भी प्रकर का प्रदूषण नहीं किया जा सकता है। केन्द्र सरकार ने तो कानून बना रखा है कि नदी में थूकने पर भी जुर्माना है। न तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है और न ही किसी को केन्द्रीय कानून का डर है।

यमुना में शौच और नाले का पानी
यमुना की दशा निकट से देखने के लिए हम तलहटी उतर गए। देखा कि दोपहर में एक व्यक्ति शौच कर रहा था। यह तो सबसे बड़ा अपराध है। यमुना में नाला गिर रहा है। मुहाने पर पॉलीथिन जमा है। इतना पॉलीथिन कि एक ट्रैक्टर ट्रॉली भर सकती है। यहां से पॉलीथिन को कौन हटाएगा। यमुना एक्शन प्लान के तहत आगरा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए गए हैं। ये प्लांट कभी चलते हैं और अधिकांशतः चलते नहीं है। आदेश है कि कोई भी नाला सीधे यमुना में नहीं गिरेगा। नाले का पानी सीधे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाया जाएगा, फिर शोधित करके यमुना में गिराया जाएगा।

रिवर कनेक्ट से कनेक्ट नहीं हो रहे लोग
यमुना के प्रति जनता को संवेदनशील बनाने के लिए नित्यप्रति यमुना की आरती की जाती है। शाम के समय कई लोग एकत्रित होते हैं और यमुना मैया की आरती कर पुण्य कमा रहे हैं। रिवर कनेक्ट के बैनर तले चल रहे इस अभियान से जनता कनेक्ट नहीं हुई है। पर्यावरण पर काम कर रहे समाजसेवी श्रवण कुमार सिंह का कहना है कि कभी न कभी तो लोग सोचेंगे, लेकिन डर है कि तब तक बहुत देर हो जाएगी। यमुना को बचाने के लिए बहुत कानून बन चुके हैं, लेकिन कुछ हुआ नहीं। जब तक जनता स्वयं आगे नहीं आएगी, तब तक स्थिति सुधरने वाली नहीं है।

क्या कहते हैं महापौर
महापौर नवीन जैन का कहना है कि यमुना आगरा के लिए जीननदायनी है। जल संस्थान यमुना जल पर भी निर्भर है। केन्द्र सरकार यमुना की स्वच्छता के लिए कठोर कदम उठा रही है। आगरा के स्तर पर जो बन पड़ेगा किया जाएगा। नगर आयुक्त को निर्देशित किया जा रहा है कि यमुना में भैंसों की आवाजाही बंद कराएं।

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