दरवेश यादव Murder Mystery: दिन दहाड़े आगरा न्यायालय परिसर में हुए इस हत्याकांड की वजह न खोज सकी पुलिस, आरोपी की मौत के साथ दफन हुये सारे राज

दरवेश यादव Murder Mystery: दिन दहाड़े आगरा न्यायालय परिसर में हुए इस हत्याकांड की वजह न खोज सकी पुलिस, आरोपी की मौत के साथ दफन हुये सारे राज
दरवेश यादव Murder Mystery: दिन दहाड़े आगरा न्यायालय परिसर में हुए इस हत्याकांड की वजह न खोज सकी पुलिस, आरोपी की मौत के साथ दफन हुये सारे राज

Dhirendra yadav | Publish: Sep, 17 2019 05:00:00 PM (IST) Agra, Agra, Uttar Pradesh, India

दिन दहाड़े आगरा न्यायालय परिसर में हुई थी हत्या
जूनियर अधिवक्ता ने मारी थी यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष को गोली
स्वागत समारोह के बाद दिया गया घटना को अंजाम
हत्या क्यों हुई, इसका कारण अभी तक नहीं हो सका स्पष्ट

आगरा। 12 जून 2019 की दोपहर का वो समय शायद आगरा कभी नहीं भूलेगा। आगरा कोर्ट परिसर में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की चेयरमैन दरवेश यादव की हत्या कर दी जाती है। हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि दरवेश यादव का जूनियर अधिवक्ता होता है। दरवेश यादव के सीने में गोली दागने के बाद, अधिवक्ता मनीष शर्मा अपनी कनपटी पर रिवॉल्वर रखते हैं और खुद को भी गोली मार लेते हैं। इस घटना ने आगरा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में सनसनी फैला दी। दरवेश यादव की हत्या होती है, कहां होती है, क्या समय होता है, क्या पूरा घटनाक्रम रहा, किसने गोली मारी इसकी जानकारी तो सभी को हो गई, लेकिन इस हत्याकांड के पीछे की वजह क्या रही, ये राज राज ही रह गया। आज भी इस मामले में सभी अंधेरे में तीर चला रहे हैं। स्पष्ट जानकारी पुलिस अधिकारियों के पास भी नहीं है।

जीत की खुशियां पलभर में हुईं काफूर
यूपी बार काउंसिल की चेयरमैन दरवेश यादव की हत्या के वक्त उनकी भांजी कंचन यादव और उनका एक रिश्तेदार मनोज यादव भी उनके साथ थे। गोलीकांड से पहले सभी दरवेश की जीत की खुशियां मना रहे थे। दरवेश यादव को फूल मालाओं से लाद दिया गया था। इसके बाद दरवेश यादव वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चैंबर में पहुंचती हैं, जहां दिल दहला देने वाली ये पूरी वारदात होती है। साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा रिवॉल्वर के साथ वहां आता है। एक के बाद एक 4 गोली चलीं और जीत की खुशी अचानक मातम में बदल गई।

दरवेश यादव Murder Mystery

मनोज पर चली पहली गोली
चश्मदीदों के मुताबिक जब मनीष ने पहली गोली चलाई तो दरवेश तेजी से चिल्लाईं थी। वो मनीष को रोकना चाहती थी। मगर ये हो ना सका। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी मनीष बाबू शर्मा ने पहली गोली दरवेश के रिश्तेदार मनोज यादव पर चलाई थी, लेकिन वो नीचे की तरफ झुक कर बच गया था। इसके बाद मनीष ने दो गोली दरवेश यादव पर दाग दीं। एक गोली उसके सीने में लगी और दूसरी पेट में और बिना देर किए चौथी गोली मनीष ने खुद को मार ली। लेकिन इस पूरी वारदात के बाद एक सवाल ये भी रहा, कि आखिर मनीष बाबू शर्मा ने मनोज यादव पर गोली क्यों चलाई। वहीं बड़ा सवाल ये भी है कि दरवेश यादव की हत्या मनीष शर्मा ने क्यों की।

दरवेश यादव Murder Mystery

भतीजे ने कराई FIR
इस हत्याकांड के संबंध में दरवेश यादव के भतीजे सनी यादव ने मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें मनीष बाबू शर्मा के अलावा उसकी पत्नी वंदना शर्मा को भी आरोपी बनाया गया। सनी के मुताबिक उसकी बुआ दरवेश की गाड़ी, गहने और चैंबर पर मनीष ने कब्जा कर रखा था। कई बार तकादा करने पर भी वे उनकी गाड़ी और गहने वापस नहीं कर रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। सनी का आरोप है कि वंदना शर्मा ने उसकी बुआ को जान से हाथ धोने की धमकी भी दी थी, लेकिन दरवेश यादव ने इस तरफ कभी ध्यान नहीं दिया। दरवेश यादव ने विवाह नहीं किया था। अपने पिता की मृत्यु के बाद वही परिवार का पालन पोषण करती रहीं। अपने छोटे भाई बहनों को पढ़ाया लिखाया। कहा जाता है कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर ही थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी जिंदगी का खात्मा ऐसे होगा।

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