विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: GST के कारण व्यापारी ही नहीं, वकील भी हो रहे मानसिक रोग का शिकार

कार्यक्षेत्र में बदलाव तनाव का कारण बन रहा है। उदाहरण के तौर पर जीएसटी को लिया जा सकता है।

By: धीरेंद्र यादव

Published: 10 Oct 2017, 03:16 PM IST

आगरा। भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व अवसाद से ग्रस्त है और इससे प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मोटे तौर पर देखें तो समझ में आता है, कि अतिसंवेदनशील लोग ही अवसाद का शिकार बनते हैं, लेकिन आज अवसादग्रस्त होने का मुख्य कारण कार्यक्षेत्र में होने वाला परिवर्तन भी है। हाल ही में नए कर जीएसटी को लेकर व्यापारी ही नहीं, बल्कि अधिवक्ता भी अवसादग्रस्त हैं और वे राय लेने मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।

ले रहे राय
मनोचिकित्सक व मानसिक आरोग्यशाला आगरा के मेडीकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि कार्यक्षेत्र में बदलाव तनाव का कारण बन रहा है। उदाहरण के तौर पर जीएसटी को लिया जा सकता है। जीएसटी के कारण व्यापारियों पर अतरिक्त भार पड़ा है, वहीं इस नए नियम को टैक्सेशन वाले वकील भी नहीं समझ पा रहे हैं, जिसके कारण वे अवसाद में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्षेत्र में जो पद्धतियां बदल रही हैं, उसके साथ बड़ी तीव्र गति से समाज को व उनके घटकों को अनुकूल करना है, जो अनकूल नहीं कर पाते, वे अवसाद का शिकार हो रहे हैं।

आज नहीं है समय
डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि आज वर्किंग समय काफी बढ़ गया है। पहले एक निश्चित समय काम करने के बाद आराम करने का मौका मिलता था, लेकिन अब नहीं। तकनीक ने रोजमर्रा की कई चीजों को आसान बना दिया है। कंप्यूटर और स्मार्ट फोन ने कई सहूलियतें दी हैं। वहीं इनके बढ़ते चलन ने अपनापन ही नहीं छीना, बल्कि समय भी छीन लिया है। काम के बाद भी व्हाट्सएप, ईमेल के जरिए जो सूचनाओं का आदान प्रदान होता है, उसे व्यस्तता अधिक रहती है और काम के बोझ के तले हर समय दबे रहते हैं।

नहीं जाते हैं चिकित्सक के पास
उन्होंने बताया कि आज ऐसे मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इन मामलों में समाजिक हीनभावना को देखते हुए, वे चिकित्सक तक नहीं पहुंचते हैं। सोचते हैं, कि इस बीमारी का पता लगने से उनकी नौकरी या व्यवसाय पर विपरीत असर न पड़े।

GST
Show More
धीरेंद्र यादव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned