Samajwadi Party जिला पंचायत अ​ध्यक्ष पद बचाने में जुटी

Samajwadi Party जिला पंचायत अ​ध्यक्ष पद बचाने में जुटी
kushal yadav

Samajwadi Party सरकार में चुने गए Zila Panchayat Adhyaksh अब भाजपा सरकार आने के बाद अपनी कुर्सी बचाने की कशमकश कर रहे हैं।जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव Deputy CM Dinesh Sharma के कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसे ही नजर आईं। 

आगरा। सपा सरकार में चुने गए जिला पंचायत अध्यक्ष अब भाजपा सरकार आने के बाद अपनी कुर्सी बचाने की कशमकश कर रहे हैं। फिरोजाबाद जिले में सपा विधायक हरिओम यादव के जिला पंचायत अध्यक्ष बेटे विजय यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, तो आगरा में SP Zila Panchayat Adhyaksh भी कुर्सी बचाने के लिए जुट गई। सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव Deputy CM Dinesh Sharma के कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसे ही नजर आईं। 

डिप्टी सीएम से गुफ्तगू
Dinesh Sharma बीते दिन आगरा में थे। विकास भवन में समीक्षा मीटिंग और अन्य कार्यक्रमों में वे शामिल हुए थे। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा जब आगरा से रवाना हो रहे थे, उस समय Zila Panchayat Adhyaksh Kushal Yadav ने उनसे बातचीत की। सूत्र बताते हैं कि ये बातचीत जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए की गई। BJP सरकार बनने के बाद सपा जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि पति लगातार विवादों में घिर रहे हैं। पूरे कार्यक्रम में जिपंअ लगातार सक्रिय रहीं। ये पहला मौका था, जब भाजपा के इस कार्यक्रम में जिपंअ कुशल यादव मौजूद थीं। हालांकि Vikas Karyo की समीक्षा और Vikas Bhawan में मीटिंग में शामिल होने वे आईं थीं। लेकिन इससे पहले जब Yogi Adityanath और डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya जब भी आए और उन्होंने मीटिंग की, जिपंअ नदारद दिखीं थीं। जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव की ये बातचीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है कि बीते दिन ही पड़ोसी जनपद Firozabad में जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ भाजपाईयों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। 
Zila Panchayat Adhyaksh Kushal Yadav
सपा खेमे में पड़ चुकी है दरार
बता दें कि Zila Panchayat Adhyaksh के चुनाव के दौरान से सपा खेमे में दो फाड़ देखने को मिले थे। पूर्व अ​ध्यक्ष गणेश यादव भी इस चुनाव के लिए खड़े हुए थे। लेकिन Samajwadi Party के इस खेमे ने बाजी मारी। अब सपा में पड़ी रार और बढ़ गई है। दो दर्जन से अधिक जिला पंचायत सदस्य भाजपा के खेमे में जा रहे हैं। सपा से उनकी दूरियां बढ़ती दिख रही हैं। हालांकि अध्यक्ष सदस्यों को लगातार काम देने का लॉलीपाप दे रही हैं।
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