जामनगर जिले में 1,61,000 पक्षियों की जांच

बर्ड फ्लू की दहशत : फिलहाल कोई जोखिम नहीं : डॉ. भगीरथ पटेल

40 टीमों में 70 कर्मचारी कर रहे सर्वे

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 10 Jan 2021, 11:37 PM IST

जामनगर. बर्ड फ्लू की दहशत के बीच जामनगर जिले में पशुपालन विभाग की ओर से युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक जिले में अलग-अलग 66 पोल्ट्री फार्म के 1,61,000 पक्षियों की जांच की जा चुकी है, फिलहाल कोई जोखिम उजागर नहीं हुआ है।
बर्ड फ्लू की दहशत के चलते जामनगर जिले में पशुपालन निदेशक कार्यालय की ओर से एनिमल डिजिज इन्वेस्टीगेशन यूनिट विभाग के सहायक निदेशक डॉ. हितेश कोरिंगा के नेतृत्व में जिले में अलग-अलग 40 टीमें गठितकर 70 से अधिक कर्मचारियों से निगरानी व सर्वे की कार्रवाई करवाई जा रही है। अब तक जिले में अलग-अलग पोल्ट्री फार्म के 1,61,000 से अधिक पक्षियों की जांच की गई है।

12 तक नमूने लेकर भोपाल भिजवाने हैं, 20 को होगी जांच

जिला पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. भगीरथ पटेल के मार्गदर्शन में टीमों की ओर से पोल्ट्री फार्म, खिजडिय़ा पक्षी अभयारण्य, तालाबों की पाल पर आने वाले पक्षियों के नमूने एकत्रकर आगामी 12 जनवरी तक भोपाल की प्रयोगशाला में भिजवाए जाएंगे। वहां जामनगर के पक्षियों के नमूनों की जांच आगामी 20 जनवरी को की जाएगी। इसके बावजूद कोई गंभीर घटना होने पर आपातकालीन तौर पर किसी भी समय भोपाल की प्रयोगशाला में नमूने भेजकर जांच रिपोर्ट मंगवाई जा सकेगी।

66 पोल्ट्री फार्म पर जाकर की जांच

विभाग की टीमों ने जिले की के पोल्ट्री फार्म पर जाकर वहां रखे मुर्गे-मुर्गियों की अब तक जांच की है। किसी भी पक्षी में असाधारण रोग दिखाई देने पर तुरंत ही पशुपालन विभाग को सूचित करने के लिए पोल्ट्री फार्म संचालकों को निर्देश दिए हैं। डॉ. पटेल के अनुसार जिले में अब तक बर्ड फ्लू का एक भी मामला उजागर नहीं हुआ है, प्रशासन की ओर से सावधानीपूर्वक कदम उठाए गए हैं। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। लोगों को घबराने की भी आवश्यकता नहीं है।

पक्षियों के स्वर्ग जामनगर में आते हैं 39 देशों के यायावर पक्षी

डॉ. पटेल के अनुसार बर्ड हेवन (पक्षियों के स्वर्ग) के तौर पर विख्यात जामनगर जिले में सर्दी के मौसम में अलग-अलग 39 देशों के यायावर पक्षी मेहमान बनकर आते हैं। लंबी दूरी तयकर सैकड़ों की संख्या में आने वाले यह पक्षी करीब 4 महीने तक यहां ठहरते हैं। फिलहाल बर्ड फ्लू की दहशत के चलते यायावर और स्थानीय पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षण की जांच के लिए विभाग ने सक्रियता दिखाई है।
विशेषतौर पर वन विभाग की टीमों के साथ जिले के पशुपालन विभाग की सतर्कता टीमों की ओर से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। जिले के ढिंचडा, रोजी बंदरगाह, खिजडिया पक्षी अभयारण्य एवं अन्य स्थानों पर सघन जांच शुरू की गई है। मृत हालत में पक्षी मिलने पर पशुपालन निदेशक कार्यालय पर तुरंत सूचना देने की अपील जिले के नागरिकों से भी की गई है।

Rajesh Bhatnagar
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