जामनगर में 10 हजार निशुल्क प्रसव से परिवारों में गूंजी किलकारियां

कोरोनाकाल में जी.जी. अस्पताल के गायनेक विभाग में नॉन कोविड सेवा

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 09 Jan 2021, 12:37 AM IST

भावना सोनी

जामनगर. कोरोनाकाल में जामनगर के जी.जी. अस्पताल के गायनेक विभाग में नॉन कोविड सेवाओं के तहत 10 हजार से अधिक निशुल्क सफल प्रसव करवाकर निजी अस्पतालों के मुकाबले अधिक ध्यान रखा गया। इसके साथ ही परिवारों में किलकारियां गूंज उठीं।
सौराष्ट्र के पुराने और बड़े अस्पतालों में शामिल जामनगर के जी.जी. अस्पताल में कोरोनाकाल में कोविड की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही नॉन कोविड सेवाएं भी निरंतर जारी रहीं। नॉन कोविड रोगियों को प्रत्येक प्रकार की परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए अस्पताल के चिकित्सक निरंतर प्रयत्नशील रहे।
इसी के तहत जी.जी. अस्पताल के गायनेक विभााग की ओर से संपूर्ण कोरोनाकाल के दौरान 10 हजार से अधिक सफल प्रसव करवाए गए। इनमें सिजेरियन प्रसव के साथ ही अनेक अति जटिल परेशानियों वाले प्रसव भी सफलतापूर्वक करवाए गए। विभाग के चिकित्सकों की सेवा और कर्मठता के कारण अनेक प्रसूताओं के चेहरे पर खुशी लाना संभव हुआ और अनेक परिवारों में किलकारियां गूंजी।
पिछली 31 दिसंरबर को तंदुरस्त बच्चे को जन्म देने वाली प्रसूता जल्पाबेन दाऊदिया के अनुसार 9 महीने की गर्भावस्था के दौरान जी.जी. अस्पताल में जांच रिपोर्ट, दवा, समय पर चेकअप आदि की सेवा दी गई। गर्भावस्था के दौरान अनेक परेशानियों में अस्पताल के चिकित्सकों ने मार्गदर्शन दिया। पिछली 31 दिसंबर को उन्हें पुत्र के जन्म की खुशी मिली।उनके साथ ही अन्य महिलाओं को भी इस अस्पताल के चिकित्सकों ने यह खुशी देकर नए वर्ष के आयोजन के साथ वार्ड की सजावट की।
उनके अनुसार सामान्यतया लोग सरकारी अस्पताल को लेकर अनेक विचार रखते हैं लेकिन, उन्हें संपूर्ण उपचार व हाल ही बच्चे के जन्म के बाद भी अस्पताल में कोई तकलीफ नहीं हुई। सरकारी अस्पताल के बारे में लोगों के जो ख्याल हैं, उन्हें जी.जी. अस्पताल की सेवाओं ने संपूर्णतया झुठला दिया है।
एक अन्य प्रसूता जल्पाबेन खाणधार का कहना है कि जी.जी. अस्पताल में स्वच्छता, चिकित्सकों का प्रतिभाव और समय पर उपचार की अच्छी सुविधा है। निजी अस्पताल में महंगी सुविधाएं मिलती हैं, उनके मुकाबले सरकार की निशुल्क व अच्छी सेवाएं जी.जी. अस्पताल में उपलब्ध हुईं। एक अन्य प्रसूता दिव्याबेन परमार के अनुसार वे भी प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई हैं। गर्भावस्था के प्रथम महीने से अस्पताल में समय पर चेकअप, दवाओं और जांच रिपोर्ट के साथ चिकित्सकों का मार्गदर्शन मिला। यहां डाइट का भी ध्यान रखा जा रहा है।

रोजाना 35-40 प्रसव

गायनेक विभाग की अध्यक्ष डॉ. नंदिनी आनंद के अनुसार अस्पताल में रोजाना 35-40 प्रसव हो रहे हैं। विशेषतौर पर कोरोनाकाल में 10 हजार से अधिक प्रसव हो चुके हैं। इनमें करीब 20 प्रतिशत प्रसव सिजेरियन और अन्य जटिलताओं के बावजूद सफलतापूर्वक करवाए गए हैं। महिलाओंं से संबंधित अन्य तकलीफों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से निदान व आवश्यक ऑपरेशन करने के लिए अत्याधुनिक स्त्री-विज्ञान व प्रसूति ऑपरेशन थियेटर की सुविधा भी उपलब्ध है।
एम.पी. शाह मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नंदिनी देसाई के अनुसार अस्पताल में सरकार की ओर से सभी योजनाओं का फायदा उपलब्ध करवाया जा रहा है। अस्पताल में सात खिलखिलाहट वाहनों के जरिए महिलाओं और नवजात बच्चों को घर पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपए के खर्च से संपूर्ण गायनेक विभाग का नवीनीकरण करवाया गया है और महिला रोगियों को हर प्रकार की सुविधाएं यहां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कोविडकाल के दौरान 30 बिस्तरों का वार्ड और 20 बिस्तरों का संपूर्ण नवीनीकृत वार्ड गायनेक विभाग को आवंटित किया गया है।

25 करोड़ रुपए के खर्च से 500 बिस्तर का नया भवन होगा उपलब्ध

वर्ष 2018-19 के दौरान अस्पताल को सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपए आवंटित किए गए, इनसे नए एमसीएच भवन का निर्माण कार्य प्राथमिक स्तर पर पूरा हो चुका है। मेपिंग और जमीन का आवंटन हो चुका है, शीघ्र ही जामनगर जिलेे के लोगों को 500 बिस्तरों की क्षमता का एमसीएच भवन उपलब्ध होगा।

- डॉ. नंदिनी देसाई, डीन, एम.पी. शाह मेडिकल कॉलेज, जामनगर।

Rajesh Bhatnagar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned