Ahmedabad : युवा वर्ग में हार्ट अटैक का प्रमाण 20 फीसदी बढ़ा

पिछले दस वर्ष में...
स्ट्रेस, व्यसन, मोटापा और जीवनशैली में बदलाव मुख्य कारण

विश्व हृदय दिवस पर विशेष

By: Omprakash Sharma

Updated: 28 Sep 2021, 09:49 PM IST

अहमदाबाद. दस वर्ष पहले 40 वर्ष से कम आयु में हार्ट अटैक के मामले बहुत कम होते थे। पिछले दस वर्ष से इस तरह के मामलों में वृद्धि हुई है। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दस वर्ष में युवा वर्ग में हार्ट अटैक के मामले 1990 के दसक से 20 फीसदी बढ़ गए हैं।
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल कैंपस में स्थित यूएन मेहता (हृदय रोग संबंधित) अस्पताल के हृदय विशेषज्ञ डॉ. जयल शाह के अनुसार 90 के दशक में हार्ट अटैक के मामले 40 वर्ष से कम आयु में बहुत कम देखने को मिलते थे। पिछले 10 वर्ष में 40 वर्ष से कम आयु के लोगों में यह रोग लगातार बढ़ा है। 90 के दशक की तुलना में अब 20 फीसदी अधिक ऐसे ही मामले बढ़ गए हैं। इससे पूर्व 50 वर्ष से अधिक आयु में हार्ट अटैक के मरीज ज्यादा आते थे। डॉ. शाह का मानना है कि युवा वर्ग में अटैक के मामलों का बढऩे का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस, व्यसन, मोटापा और जीवन शैली में बदलाव है। इसके अलावा पर्याप्त नींद नहीं लेना भी बड़ा कारण हो सकता है।

दिनचर्या में कुछ परिवर्तन की जरूरत
पिछले दिनों हार्ट अटैक का शिकार हुए 26 वर्षीय एक युवक ने लोगों को दिनचर्या में कुछ परिवर्तन की जरूरत बताई। अहमदाबाद जिले के दस्क्रोई के रहने वाले 26 वर्षीय योगेशभाई को पिछले दिनों हार्ट अटैक की समस्या से गुजरना पड़ा था। गोल्डन पीरियड में यूएन मेहता पहुंचने पर समय रहते ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली गई। अब इस युवक का कहना है कि हार्ट अटैक के दौरान सीने में असहनीय दर्द से वह घबरा गया था। लेकिन अब स्वस्थ्य होने से योगेश ने दिनचर्या में परिवर्तन किए हैं। संदेश के तौर पर कहा कि तनाव से दूर रहना और दिनचर्या में बदलाव कर इस तरह की समस्या से बचा जा सकता है। अब वह प्रति दिन दो किलोमीटर घूमता है और व्यसनों से दूर रहकर चिकित्सकों की सलाह से स्वास्थ्य का ध्यान रख रहा है।

Omprakash Sharma Reporting
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