जामनगर के कोविड अस्पताल में दैनिक 20 हजार लीटर ऑक्सीजन का हुआ उपयोग

मरीजों की जान बचाने के लिए कोरोना के कहर के दौरान

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 26 Dec 2020, 12:26 AM IST

जामनगर. शहर के जी.जी. अस्पताल के कोविड अस्पताल में कोरोना के कहर के दौरान मरीजों की जान बचाने के लिए दैनिक 20 हजार लीटर ऑक्सीजन का उपयोग किया गया।
जी.जी. अस्पताल व एम.पी. शाह मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. वंदना त्रिवेदी के अनुसार जी.जी. अस्पताल में पहले दैनिक एक हजार लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती थी। ऑक्सीजन की सुविधा सहित कोविड अस्पताल की शुरुआत के बाद कोरोना पीडि़त श्वास रोगियों को शुरू में दैनिक 6-7 हजार लीटर और संख्या बढऩे पर दैनिक 13-14 हजार लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। कोरोना का कहर बढऩे पर दैनिक 18-20 हजार लीटर ऑक्सीजन की आवश्यता भी हुई। 34 रुपए लीटर के हिसाब से दैनिक कीमत एक लाख रुपए और महीने के 30 लाख रुपए की ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई।

दैनिक 30 हजार लीटर क्षमता के टैंक उपलब्ध

ऑक्सीजन की मांग बढऩे के कारण पूर्व योजना बनाकर भविष्य में अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता के मद्देनजर जिला कलक्टर रविशंकर के प्रयासों, कोविड के प्रभारी सचिव पंकज कुमार, प्रभारी सचिव नलिन उपाध्याय, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. जयंती रवि के सहयोग से दैनिक 30 हजार लीटर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए टैंकों की सुविधा राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई गई है।

9 महीनों में 1200 बिस्तर सहित मौजूद हैं यह सुविधाएं

इस वर्ष पिछली 20 मार्च से कोविड अस्पताल की शुरुआत के बाद धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाकर 1200 बिस्तर और 60 वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए गए। प्रत्येक बिस्तर तक ऑक्सीजन लाइन से ऑक्सीजन पहुंचाने की सुविधा का लोकार्पण मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने किया। वर्तमान में कोविड अस्पताल में 1200 बिस्तरों के साथ 285 आईसीयू बिस्तर, 280 वेंटिलेटर, अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की आवश्यकता होने पर 100 हाईफ्लो नोजल केन्युला मशीनें राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई गई हैं। कोविड अस्पताल में जामनगर के अलावा देवभूमि द्वारका व पोरबंदर जिले के मरीज भी आते हैं।

राउंड दि क्लॉक काम कर रहे चिकित्सक

सर्जिकल आईसीयू के अलावा कोविड अस्पताल में सात आईसीयू के प्रभारी के तौर पर एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सक राउंड दि क्लॉक काम कर रहे हैं। इनमें डॉ. जयदेव दवे, डॉ. दीपक रावल, डॉ. प्रीति जाड़ेजा, डॉ. पूर्वी महेता, डॉ. नीपा नायक सहित 20 चिकित्सक, 50 रेजिडेंट चिकित्सक शामिल हैं। आईसीयू प्रभारी के तौर पर रोगियों के लिए इन्टेन्सिविस्ट के रूप में ऑक्सीजन थैरेपी, मरीजों के वेंटिलेटर की निरंतर निगरानी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी चिकित्सक निभा रहे हैं। इनके अलावा अहमदाबाद, देवभूमि द्वारका जिला मुख्यालय खंभालिया व पोरबंदर के सरकारी अस्पतालों में भी जामनगर के चिकित्सक रोटेशन के आधार पर 10-10 दिन ड्यूटी निभा रहे हैं।

- डॉ. वंदना त्रिवेदी, अध्यक्ष, एनेस्थीसिया विभाग, जी.जी. अस्पताल व एम.पी. शाह मेडिकल कॉलेज, जामनगर।

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