ब्लैक फंगस के ऑपरेशन के दौरान 35 मरीजों के निकला व्हाइट फंगस

म्यूकोरमाइकोसिस की तुलना में कम घातक है व्हाइट फंगस

By: MOHIT SHARMA

Published: 28 May 2021, 10:36 PM IST

अहमदाबाद. एशिया के सबसे बड़े अहमदाबाद सिविल अस्पताल में अब तक म्यूकोरमाइकोसिस अर्थात ब्लैक फंगस के 340 से अधिक ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इनमें से 35 मरीजों को व्हाइट फंगस पाया गया। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि ब्लैक फंगस के मुकाबले व्हाइट फंगस ज्यादा घातक नहीं होता, इसका उपचार भी म्यूकोरमाइकोसिस की तुलना में आसान है।
कोरोना का कहर झेल चुके अनेक मरीज अब ब्लैक फंगस के शिकार हो रहे हैं। अकेले सिविल अस्पताल में ही कोरोना की दूसरी लहर के बाद लगभग 340 से अधिक ऑपरेशन इस फंगस के किए जा चुके हैं। पांच ओटी (ऑपरेशन थिएटर) के माध्यम से प्रतिदिन 30 से अधिक ऑपरेशन किए जा रहे हैं। फिलहाल अस्पताल की तीसरी मंजिल पर म्यूकोरमाइकोसिस के अलग से वार्ड भी तैयार किए गए हैं। अस्पताल में इस अवधि में 450 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं।
सिविल अस्पताल के ईएनटी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. कल्पेश पटेल के अनुसार यह जरूरी नहीं है कि कोरोना के उपचार के दौरान हुए साइड इफेक्ट्स से व्हाइट फंगस होता है। यह फंगस तो आम मरीजों में भी देखने को मिल जाता है। उन्होंने कहा कि जिन 35 मरीजों में इस फंगस की पुष्टि हुई है। उनका ऑपरेशन म्यूकोरमाइकोसिस के लिए ही किया गया था। ऑपरेशन के दौरान उनमें से वाइट फंगस निकला था।
इसके अलावा सोला सिविल अस्पताल में भी कुछ दिनों पहले व्हाइट फंगस के तीन मरीजों की पुष्टि हुई थी। जबकि 58 मरीज अब तक म्यूकोरमाइकोसिस के भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 40 उपचाराधीन हैं और एक की मौत भी हो गई।

ब्लैक फंगस से एक सप्ताह में 10 की मौत
अकेले सिविल अस्पताल में ही ब्लैक फंगस के कारण पिछले एक सप्ताह में 10 मरीजों की मौत हो गई। यह फंगस काफी घातक होता है इसकी वजह से अब तक 10 मरीजों की आंख भी निकालनी पड़ी हैं। ऐसा नहीं है कि सिविल अस्पताल में म्यूकोरमाइकोसिस के अहमदाबाद के ही मरीज हैं। यहां गुजरात के अन्य भागों के अलावा पड़ोसी राज्यों के मरीज भी हैं।
-डॉ. कल्पेश पटेल, ईएनटी सर्जन सिविल अस्पताल।

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