मेडिसिन विभाग के 65 चिकित्सक 10 महीनों से मरीजों की सेवा में जुटे

जामनगर के जी.जी. कोविड अस्पताल में कोरोना काल में समन्वय और भाईचारे की मिसाल

 

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 25 Jan 2021, 11:53 PM IST

भावना सोनी

जामनगर. जामनगर के जी.जी. कोविड अस्पताल में कोरोना काल में समन्वय और भाईचारे की मिसाल पेश की गई है। यह मिसाल इस अस्पताल के मेडिसिन विभाग के 65 चिकित्सक 10 महीनों से मरीजों की सेवा में निरंतर जुटकर पेश की है।
मार्च महीनों में कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ कोविड अस्पताल में उपचार की मुख्य जिम्मेदारी मेडिसिन विभाग की होने के कारण मेडिसिन विभाग के भवन को खाली करवाकर पुराने भवन में स्थानांतरित किया गया। नए भवन में सप्ताह के भीतर ही 720 बिस्तर वाले कोविड अस्पताल में परिवर्तित किया गया।
प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन मशीन, सक्शन मशीन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। स्टाफ के लिए दिन-रात काम करने की व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई गई। अस्पताल में पिछले वर्ष सितंबर महीने में सबसे अधिक 600 मरीज भर्ती थे। मरीजों की संख्या बढऩे के की संभावना और उपचार में परेशानी से मरीजों को बचाने के लिए फिलहाल 1200 बिस्तर की सुविधा उपलब्ध हैं। इनमें सर्जरी विभाग की मरम्मत के बाद 232 बिस्तर का आईसीयू ओर पुराने भवन में 120 बिस्तरों के कोविड वार्ड शुरू किए गए।
मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनीष महेता के अनुसार सात लाख की बस्ती वाले जामनगर शहर में वर्तमान में 150 मरीज कोरोना का उपचार करवा रहे हैं। कोरोना संक्रमण घटने के साथ ही प्रतिदिन करीब 20-25 मरीज भर्ती हो रहे हैं। तीन पारी में दिन-रात कार्यरत कोविड अस्पताल में पिछले वर्ष मार्च महीने से अब तक 10 महीनों के दौरान 15 कन्सल्टेंट चिकित्सक और 50 रेसिडेंट चिकित्सक ने दिवाली या ग्रीष्मकालीन अवकाश के साथ सामान्य अवकाश भी नहीं लिया। पूरी टीम दिन-रात कोरोना मरीजों की सेवा में जुटी रही। इस कारण मरीज कोरोना को मात देकर घर लौट रहे हैं।

जैन साधुओं-मुनियों की भी सेवा : डॉ. अमरीश

कोविड अस्पताल के सहायक प्रशासनिक अधीक्षक व सर्जरी विभाग के डॉ. अमरीश महेता के अनुसार अपने शिक्षक डॉ. मनीष महेता की ओर से कोरोना मरीजों के उपचार के साथ निस्वार्थ भाव से जैन साधुओं-मुनियों की भी सेवा की जा रही है।

कोविड अस्पताल में केवल तीन विभागों का समन्वय

मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मेहजबीन हिराणी के अनुसार विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष महेता के मार्गदर्शन व सहयोग से सभी चिकित्सक व रेसिडेंट चिकित्सक भाईचारे के भाव के साथ एक-दूसरे के साथ समन्वय रखकर कोविड और गैर-कोविड मरीजों की सेवा में जुटे हैं।
डॉ. हिराणी के अनुसार कोविड अस्पताल में केवल तीन विभागों का समन्वय होता है। इनमें मेडिसिन विभाग, एनेस्थीसिया और पल्मोनोलॉजी विभाग शामिल हैं। मेडिसिन विभाग के चिकित्सक कोरोना मरीजों का उपचार करते हैं, एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सक मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। कोरोना संबंधी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद क्षतिग्रस्त फेफड़े और ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों को कोविड अस्पताल का पल्मोनोलॉजी विभाग उपचार मुहैया कराता है।

सितंबर में 70 प्रतिशत स्टाफ केवल कोविड अस्पताल में कार्यरत

सितंबर महीनें में कोरोना संक्रमण चरम पर था, मरीजों की संख्या बढऩे के कारण मेडिसिनि विभाग का 70 प्रतिशत स्टाफ मात्र कोविड अस्पताल में कार्यरत रहा।

यह कन्सल्टेंट चिकित्सक रहे कार्यरत

मेडिसिन विभाग के तीन-तीन कन्सल्टेंट तीन पारियों में कार्यरत रहे। इनमें डॉ. मनीष महेता, डॉ. अजय तन्ना, डॉ. एस.एस. चटर्जी, डॉ. भूपेन्द्र गोस्वामी, डॉ. नितिन राठोड, डॉ. याज्ञिक चौटाला, डॉ. मनीष खोखर, डॉ. मेहुल कालिया, डॉ. स्नेहा वढवाणा, डॉ. मेहजबीन हिराणी, डॉ. अमी त्रिवेदी आदि शामिल हैं।

Rajesh Bhatnagar
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